राज्य कृषि समाचार (State News)

ड्रोन तकनीक का कमाल: बलौदाबाजार के किसानों ने 40 हेक्टेयर में घंटों में किया दवा का छिड़काव, समय और खर्च दोनों बचे    

08 अगस्त 2026, रायपुर: ड्रोन तकनीक का कमाल: बलौदाबाजार के किसानों ने 40 हेक्टेयर में घंटों में किया दवा का छिड़काव, समय और खर्च दोनों बचे – छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार भाटापारा जिले के किसान अब खेती में तकनीक का इस्तेमाल कर आधुनिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखंड भाटापारा के ग्राम पाटन, धौरभठा और खोलवा के किसानों ने खेती में तकनीक का नया उदाहरण पेश किया है। यहां करीब 40 हेक्टेयर रकबे में किसानों ने ड्रोन के माध्यम से खरपतवार नाशक का छिड़काव करवाया।

कुछ ही घंटों में किया 40 हेक्टेयर में दवा का छिड़काव

पारंपरिक तरीके से इस रकबे में छिड़काव करने में 10 से 15 दिन लग जाते थे। ड्रोन की मदद से पूरा काम कुछ ही घंटों में पूरा हो गया। इससे किसानों के समय, श्रम और लागत तीनों की बचत हुई।ग्राम धौरभठा के किसान आलोक जायसवाल एवं खोलवा के कृषक गुड्डू चांडक ने बताया कि पहले 2से 3 एकड़ में छिड़काव करने के लिए 2 मजदूर पूरे दिन लगते थे। ड्रोन से 40 हेक्टेयर का काम एक दिन में हो गया। पानी भी कम लगी और पीठ पर टंकी ढोने की परेशानी नहीं रही।

80% समय और खर्च की बचत

कृषि विभाग और स्थानीय कृषि तकनीक सेवा प्रदाता के सहयोग से ड्रोन को खेतों में उतारा गया। ड्रोन ने निर्धारित ऊंचाई से एक समान रूप से खरपतवार नाशक का छिड़काव किया। इससे दवा की बर्बादी भी कम हुई और फसल पर असर बेहतर रहा।मैनुअल छिड़काव की तुलना में 80 प्रतिशत समय कम लगा। इसके साथ ही मजदूरी और दवा दोनों में बचत एवं एक समान छिड़काव से खरपतवार नियंत्रण बेहतर हुई।

जिला प्रशासन द्वारा सहकरी समिति के माध्यम से किसानों को ड्रोन उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें 4 नग ईफको कम्पनी के भी है। कृषि विभाग के अधिकारियो ने बताया कि़ इस व्यवस्था से अब छोटे किसानों को भी कम दर पर ड्रोन सेवा मिल रही है। भाटापारा क्षेत्र में धान और दलहन की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए यह तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है। फिलहाल पाटन, धौरभठा और खोलवा के किसान इस प्रयोग से काफी संतुष्ट हैं और आने वाले सीजन में और अधिक रकबे में ड्रोन से छिड़काव करवाने की योजना बना रहे हैं।

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