इरिगेशन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की बैठक इंदौर में संपन्न
24 जनवरी 2026, इंदौर: इरिगेशन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की बैठक इंदौर में संपन्न – गत दिनों इंदौर में इरिगेशन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (आईएआई )की बैठक का आयोजन किया गया , जिसमें आईएआई के निदेशक श्री राजेश यादव, अध्यक्ष श्री सौरभ सांगला ,मप्र चैप्टर के अध्यक्ष श्री ओमनाथ वर्मा,उपाध्यक्ष श्री रत्नेश कौरव,कृषक जगत के संचालक श्री सचिन बोंद्रिया सहित आईएआई के पदाधिकारी और इरिगेशन विभाग से जुड़े विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
श्री यादव ने इसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी और सदस्यता आधार बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे नीति निर्माताओं को सिंचाई के सकारात्मक प्रभावों को फसल उत्पादन, खाद्य सुरक्षा,आर्थिक विकास, ग्रामीण रोजगार, और आधुनिक तकनीकों ड्रिप / स्प्रिंकलर से पानी के कुशल उपयोग के महत्व को समझाया। उन्होंने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार आदि राज्यों में आईएआई द्वारा शुरुआती समस्याओं के समाधान में किए गए विभिन्न प्रयासों के उदाहरण प्रस्तुत किए और गैर-सदस्य कंपनियों से भी सहयोग करने की अपील की। श्री सांगला ने मंच का मार्गदर्शन करते हुए भारत स्तर पर IAI द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और उद्योग की मांग के अनुरूप काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने राज्य स्तरीय नीति निर्माताओं को उद्योग की ताकत दिखाने हेतु मिलकर काम करने पर ज़ोर दिया । आपने फंड फ्लो और स्पर्श मॉडल के कार्यान्वयन के संबंध में आई एआई द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का विवरण दिया। उन्होंने किसानों को फसल संबंधी जानकारी सिखाने और ड्रिप-स्प्रिंकलर रखरखाव को सभी तक पहुँचाने के साथ ही योजना के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए जीजीआरसी, राज्य द्वारा वित्त पोषण और डीबीटी मॉडल जैसी एकल खिड़की प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया।
एनवीडीए से श्री मंडलोई और श्री सिरोंजा ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए एनवीडीए द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने लिफ्ट सिंचाई योजनाओं द्वारा सृजित विशाल क्षमता के साथ सूक्ष्म सिंचाई के एकीकरण के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई की अवधारणा को फैलाने के लिए एनवीडीए द्वारा की गई विभिन्न छोटी पहलों का उल्लेख किया। श्री बोंद्रिया ने सूक्ष्म सिंचाई के महत्व को रेखांकित किया और उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करने में कृषक जगत की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियों को मंच देने का भी वादा किया।
श्री वर्मा ने म.प्र. की वर्तमान स्थिति का विवरण देते हुए राज्य में योजनाओं को गति देने के लिए शीघ्र कार्यान्वयन के लिए सभी निर्माताओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने राज्य में लक्ष्य निर्धारण की अनुपलब्धता, सब्सिडी वितरण, प्रक्रिया संबंधी समस्याओं आदि के कारण उद्योग जगत को हो रही मौजूदा समस्याओं पर भी प्रकाश डाला । श्री कौरव ने कहा कि म.प्र. में सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाने की अपार संभावनाएं है। मप्र में विभिन्न जलवायु क्षेत्रों को देखते हुए यह विभिन्न फसलों के पैटर्न, सिंचाई क्षमता और जलवायु क्षेत्रों के साथ अच्छी तरह से विकसित करने के लिए अनुकूल है। इस बैठक में एसोसिएशन के कोर कमेटी के सदस्य श्री अरुण कुमार, श्री अमोल मानकर, श्री चंद्रशेखर पाटिल, श्री धर्मेन्द्र यादव, श्री jराजकुमार जैन, श्री कमलेश सिंह की अध्यक्षा में पूरे भारत देश के 50 से अधिक प्रमुख सिंचाई कंपनियों के प्रतिनिधियों और मालिकों ने हिस्सा लिया ! जिनका उद्देश्य मध्य प्रदेश में आधुनिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ;प्रति बूंद अधिक फसल; (More Crop Per Drop) के लिए 3 लाख हेक्टर प्रति वर्ष लक्ष्य का प्रोजेक्ट मोड में योजना का क्रियान्वयन करना है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन श्री नरेन्द्र धांद्रे द्वारा किया गया।
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