गौतमबुद्धनगर में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़कर 10 सितंबर हुई
08 सितंबर 2026, गौतमबुद्धनगर: गौतमबुद्धनगर में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़कर 10 सितंबर हुई – जिले में खरीफ फसलों का बीमा कराने से रह गए किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिला कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दी है।
यह सुविधा फिलहाल उन किसानों के लिए है जिन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड या फसली ऋण लिया है और जिनका बैंकों में बीमा कटौती के लिए खाता जुड़ा है। ऐसे ऋणी किसानों का प्रीमियम बैंक अपने आप काट लेते हैं, इसलिए समय रहते सही जानकारी देना जरूरी है।
किन फसलों पर कितना प्रीमियम
जिले में इस बार धान और बाजरा को अधिसूचित फसल के तौर पर शामिल किया गया है। धान के लिए बीमित राशि 84,100 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है, जिस पर किसान को 2 प्रतिशत की दर से 1,682 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा। बाजरा के लिए बीमित राशि 33,600 रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिस पर प्रीमियम 672 रुपये प्रति हेक्टेयर बैठता है।
बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं, यही वजह है कि किसान को कुल बीमित राशि का सिर्फ 2 प्रतिशत हिस्सा ही देना पड़ता है। ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा या कीट-रोग से फसल को नुकसान होने पर किसान को इसी बीमित राशि के अनुपात में मुआवजा मिलता है।
बीमा कैसे और कहां कराएं
जो किसान ऋणी नहीं हैं और स्वेच्छा से बीमा कराना चाहते हैं, वे भी 10 सितंबर तक निकटतम बैंक शाखा या जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और बुवाई प्रमाण पत्र साथ ले जाना होगा।
जो ऋणी किसान किसी वजह से बीमा नहीं कराना चाहते, उन्हें इसकी लिखित सूचना संबंधित बैंक शाखा में 5 सितंबर तक देनी थी, ऐसा न करने पर बैंक अपने आप प्रीमियम काट लेता है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन ब्लॉकों में पंजीयन कम हुआ है, वहां कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पूरे देश में करोड़ों किसानों को हर सीजन कवर करती है, और हर जिले में अधिसूचित फसलों तथा तारीखों में थोड़ा-बहुत फर्क होता है। यही वजह है कि किसानों को अपने जिले की सही अधिसूचना कृषि विभाग या बैंक शाखा से जरूर पता कर लेनी चाहिए, बजाय इसके कि वे पड़ोसी जिले या पिछले साल की तारीख पर भरोसा करें। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले सीजन जिले में हुई असामान्य बारिश और कुछ ब्लॉकों में सूखे जैसी स्थिति के दावों का निपटारा अब भी चल रहा है, इसलिए इस बार समय पर बीमा कराना और भी जरूरी हो गया है।
यह खबर किसानों के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि मौसम की बेरुखी अब हर सीजन की सच्चाई बन चुकी है, और बिना बीमा के फसल खराब होने पर किसान को पूरा नुकसान खुद उठाना पड़ता है। जिन किसानों ने अब तक बीमा नहीं कराया, उनके पास मौका अभी बाकी है, बशर्ते वे 10 सितंबर से पहले बैंक या CSC पहुंच जाएं। बीमा कंपनियों, बैंकों और कृषि-इनपुट कारोबार के लिए भी यह अवधि अहम है, क्योंकि पंजीयन के आखिरी दिनों में बैंक शाखाओं और CSC केंद्रों पर किसानों की भीड़ बढ़ती है, जिससे कागजी कार्रवाई समय पर पूरी करने के लिए बेहतर तैयारी जरूरी हो जाती है।
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