राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में दाल प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगा 25 लाख रुपये तक अनुदान, 31 अगस्त तक करें आवेदन

04 अगस्त 2026, नई दिल्ली: बिहार में दाल प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगा 25 लाख रुपये तक अनुदान, 31 अगस्त तक करें आवेदन – बिहार सरकार राज्य में दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत दाल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले पात्र आवेदकों को परियोजना लागत पर 33 प्रतिशत तक या अधिकतम 25 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। फिलहाल राज्य के 10 जिलों के इच्छुक लाभार्थियों से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

नई दाल मिल लगाने पर मिलेगा अनुदान

योजना का उद्देश्य राज्य में दालों के प्रसंस्करण, भंडारण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है। इसके तहत नई दाल प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना के लिए सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। यह अनुदान प्लांट एवं मशीनरी, भवन निर्माण, वेयरहाउस और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर दिया जाएगा। हालांकि, भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और अन्य परिचालन खर्च इस योजना में शामिल नहीं हैं। भवन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिलने वाला अनुदान कुल पात्र अनुदान का अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना के लिए किसान उत्पादक संगठन (FPO), क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF), पैक्स, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक तथा अन्य पंजीकृत संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं। एफपीओ, सीएलएफ और पैक्स के लिए कम से कम दो वर्ष से पंजीकृत और संचालित होना अनिवार्य है। वहीं, व्यक्तिगत आवेदक की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

इन शर्तों का पालन करना होगा

दाल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए परियोजना में कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं का निवेश करना होगा और बैंक ऋण की स्वीकृति या सहमति भी आवश्यक होगी। नई दाल मिल की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है। साथ ही यूनिट में बीआईएस मानक की मशीनरी और एफएसएसएआई लाइसेंस होना अनिवार्य होगा। योजना के तहत स्थापित इकाई का संचालन और रखरखाव कम से कम तीन वर्षों तक करना होगा।

इन 10 जिलों के आवेदकों को मिलेगा लाभ

फिलहाल यह योजना राज्य के पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया जिलों में लागू की गई है। चयनित लाभार्थियों को अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी

योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के साथ परियोजना प्रतिवेदन (DPR), बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा संस्थाओं के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। आवेदन बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से 31 अगस्त तक किए जा सकते हैं।

किसानों और युवाओं के लिए अवसर

यह योजना केवल प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, दलहन उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने और राज्य को दाल प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सरकार ने पात्र किसानों, एफपीओ, पैक्स और उद्यमियों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

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