कृषि यंत्र किराए पर देने का बिजनेस शुरू करें, सरकार देगी ₹10 लाख तक की सब्सिडी; जल्द करें आवेदन
11 अगस्त 2026, भोपाल: कृषि यंत्र किराए पर देने का बिजनेस शुरू करें, सरकार देगी ₹10 लाख तक की सब्सिडी; जल्द करें आवेदन – किसानों को ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश के कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने कृषि यंत्र किराए की दुकान (कस्टम हायरिंग सेंटर-CHC) स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए निजी क्षेत्र में बैंक ऋण के आधार पर CHC स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 1,000 कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
25 लाख रुपये तक की परियोजना, 10 लाख तक अनुदान
योजना के तहत कृषि यंत्र किराए की दुकान स्थापित करने के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये की परियोजना लागत निर्धारित की गई है। पात्र आवेदकों को परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये का क्रेडिट लिंक्ड बैक एंडेड सब्सिडी अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत से राहत देना है। किसान जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनें किराए पर लेकर खेती के काम कर सकेंगे।
21 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक युवा और अन्य पात्र आवेदक 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए विभाग ने www.chc.mpdage.org पोर्टल निर्धारित किया है। आवेदन के साथ 10 हजार रुपये की धरोहर राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के बाद 22 अगस्त को भोपाल में कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के माध्यम से प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी। आवेदक उसी दिन शाम 5 बजे के बाद पोर्टल पर प्राथमिकता सूची देख सकेंगे। चयनित आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन 24 और 25 अगस्त को संबंधित कार्यालयों में किया जाएगा।
12वीं पास युवा कर सकते हैं आवेदन
योजना के लिए आवेदक का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। उसकी आयु 1 अगस्त 2026 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक को उसी जिले से आवेदन करना होगा, जहां वह कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित करना चाहता है। इसके अलावा आवेदक का संबंधित ग्राम का निवासी होना या उस गांव में उसके अथवा उसके माता-पिता के नाम भूमि होना जरूरी है। एक गांव और एक परिवार से केवल एक ही CHC के लिए पात्रता होगी।
लॉटरी से होगा चयन
CHC के लिए आवेदकों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयनित आवेदकों के लिए 31 अगस्त 2026 को मार्गदर्शन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें परियोजना तैयार करने, बैंक ऋण लेने और केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाएगा। कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित होने के बाद विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा और इसके बाद पात्र आवेदक को अनुदान जारी किया जाएगा।
किसानों के साथ युवाओं को भी फायदा
कस्टम हायरिंग सेंटर की सुविधा से छोटे और मध्यम किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। उन्हें महंगे ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खरीदने के बजाय जरूरत के समय किराए पर मशीनें उपलब्ध हो सकेंगी। इससे खेती के काम समय पर पूरे होने के साथ श्रम और लागत में भी बचत हो सकती है।
वहीं, युवाओं के लिए यह स्वरोजगार शुरू करने का अवसर है। कृषि विभाग ने इच्छुक युवाओं, किसानों और एफपीओ से निर्धारित समय सीमा में आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित कर खुद के लिए रोजगार का अवसर बनाने के साथ आसपास के किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध करा सकें।
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