राज्य कृषि समाचार (State News)

नकली कीटनाशक से सोयाबीन फसलें बर्बाद, कृषि विभाग ने विदिशा में ‘बायोक्लोर’ की बिक्री पर लगाई रोक

05 अगस्त 2025, भोपाल: नकली कीटनाशक से सोयाबीन फसलें बर्बाद, कृषि विभाग ने विदिशा में ‘बायोक्लोर’ की बिक्री पर लगाई रोक – मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के कई किसानों ने कृषि विभाग को शिकायत दी थी कि सोयाबीन की फसलों पर किए गए खरपतवारनाशी दवा के छिड़काव से फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम ने सोमवार, 04 अगस्त को विकासखंड ग्यारसपुर के ग्राम खिरिया, अटारीखेजड़ा, संतापुर, गुलाबगंज, यूसूफगंज, बसिया गाजर और मेहंदेर जैसे गांवों का दौरा किया।

किसानों के खेतों का निरीक्षण और प्रत्यक्ष अवलोकन

टीम ने किसान गोविंद दांगी (अटारीखेजड़ा), धर्मसिंह (पिपरिया जागीर), श्रीराम दांगी (खिरिया) और रविंद्र कुर्मी (यूसूफगंज) सहित कई किसानों के खेतों में जाकर प्रभावित फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और उनसे चर्चा की।

निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अविना सिंह परिहार, कृषि विज्ञान केंद्र रायसेन से डॉ. पी.के. द्विवेदी, कृषि विस्तार अधिकारी निशि जैन, रविंद्र दांगी और गोपाल बघेल भी शामिल रहे।

‘बायोक्लोर’ दवा को बताया नुकसान की वजह

निरीक्षण में यह सामने आया कि अधिकतर किसानों ने “एच.पी.एम. केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, दिल्ली” की ‘बायोक्लोर’ नामक खरपतवारनाशी दवा का उपयोग किया था। इस दवा के दुष्प्रभाव के कारण सोयाबीन की फसलें प्रभावित हुई हैं।

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जिले में ‘बायोक्लोर’ की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर रोक

किसानों की शिकायत और संयुक्त टीम की रिपोर्ट के आधार पर, इस दवा के क्रय, विक्रय, परिवहन और भंडारण पर जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय अनुज्ञापन अधिकारी एवं उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला विदिशा द्वारा लिया गया।

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कृषि विभाग ने किसानों को किया सावधान

कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि किसी भी कृषि उपयोगी रसायन की खरीद करते समय पक्का बिल अवश्य लें और मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही दवाएं खरीदें, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।

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