सीधी: पोल्ट्री से बढ़ रही दीदियों के परिवार की आमदनी
08 अक्टूबर 2026, सीधी: सीधी: पोल्ट्री से बढ़ रही दीदियों के परिवार की आमदनी – ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक ही साधन होने पर आर्थिक चुनौतियां बढ़ जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ग्राम बढ़ौरा के एकीकृत कृषि क्लस्टर से जुड़ी महिलाओं को एक साथ कई आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। बैकयार्ड पोल्ट्री इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरी है।
आजीविका मिशन एवं पशुपालन विभाग के अभिसरण से निर्धन एवं भूमिहीन समूह सदस्यों को देसी नस्ल के 1200 चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। इससे पहले भी गांव में 1600 चूजे वितरित किए जा चुके हैं। इस प्रकार अब तक कुल 2800 देसी चूजों का वितरण किया जा चुका है।पूर्व में मिले चूजों का पालन कर समूह की महिलाएं अब मुर्गियों और चूजों की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनके लिए यह गतिविधि घर से ही आय का नया माध्यम बन रही है। पोल्ट्री के साथ महिलाएं सब्जी उत्पादन, बकरी पालन तथा जैविक खाद एवं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण जैसी गतिविधियों से भी जुड़ रही हैं।
एकीकृत कृषि क्लस्टर की यही विशेषता है कि परिवार के उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए एक से अधिक गतिविधियों को आपस में जोड़ा जा रहा है। इससे वर्षभर आय के अलग-अलग स्रोत विकसित हो रहे हैं और किसी एक गतिविधि पर निर्भरता कम हो रही है। आईएफसी टीम एवं पशुपालन विभाग द्वारा महिलाओं को चूजों के दाना-पानी, स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए भी सहयोग किया जा रहा है।
कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद के मार्गदर्शन एवं जिला परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं को एक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने का प्रयास है। बढ़ौरा की महिलाएं अब केवल आजीविका गतिविधियों में भागीदार नहीं, बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

