राज्य कृषि समाचार (State News)

समर्थन मूल्य पर चमकविहीन गेहूँ का उपार्जन किया जाएगा

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प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन ने जारी किए निर्देश

07 अप्रैल 2023, हरदा: समर्थन मूल्य पर चमकविहीन गेहूँ का उपार्जन किया जाएगा – भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर चमकविहीन गेहूँ के उपार्जन की अनुमति दी गई है। प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन श्री उमाकांत उमराव ने इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं । उन्होने निर्देशित किया है कि 10 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूँ बगैर वेल्यूकट के उपार्जन होगा तथा 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूँ के उपार्जन पर किसानों से कोई कटौत्रा किए बगैर पूर्ण समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किया जाए। भारत सरकार द्वारा निर्धारित 80 प्रतिशत तक ही चमकविहीन गेहूँ का उपार्जन किया जावे, इससे अधिक प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूँ स्वीकार नहीं किया जाएगा।  उन्होंने  निर्देशित किया है कि उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबन्धक द्वारा सर्वेयर अथवा गुणवत्ता परीक्षक के माध्यम से चमकविहीन गेहूँ का विधिवत रिकार्ड रखा जाए एवं संबंधित किसान की तौल की गई उपज में कितना प्रतिशत गेहूँ की मात्रा चमकविहीन है तथा सर्वेयर एप एवं ई-उपार्जन सॉफ्टवेयर में संबंधित सर्वेयर द्वारा किसान के डाटा में चमकविहीन गेहूँ के प्रतिशत की अनिवार्य रूप से ऑनलाइन प्रविष्टि कराई जाए।

प्रमुख सचिव श्री उमराव ने निर्देशित किया है कि उपार्जन केन्द्रों में यदि चमकविहीन गेहूँ प्राप्त होता है, तो उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबन्धक द्वारा चमकविहीन गेहूँ की तौल एवं बिना चमकविहीन गेहूँ की तौल पृथक-पृथक स्थान पर किये जाने की व्यवस्था की जाए। उपार्जन केन्द्र पर चमकविहीन गेहूँ के बोरों पर स्याही अथवा लाल कलर से मार्किंग करके अलग से थप्पी लगाई जाए। बोरों पर स्याही अथवा लाल कलर इस प्रकार से लगाया जाए कि ‘‘जेड’’ का निशान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। मार्किंग जूट एवं पी.पी. दोनों ही बोरों में की जाए। उन्होने निर्देशित किया है कि उपार्जन केन्द्रों में चमकविहीन गेहूँ प्राप्त होने पर उपार्जन केन्द्रों द्वारा किसानवार चमकविहीन गेहूँ की अलग-अलग थप्पियां लगाकर संग्रहण किया जाए तथा किसानवार गेहूँ की चमकविहीन प्रतिशत का रिकार्ड भी रखा जाए। उपार्जन केन्द्रों से एफएक्यू एवं चमकविहीन का पृथक-पृथक ट्रकों में परिवहन कराया जाए तथा प्रत्येक ट्रक चालान पर चमकविहीन गेहूँ का प्रतिशत अंकित किया जाए। एक ट्रक में दोनों प्रकार के गेहूँ का परिवहन नहीं कराया जाए।

प्रमुख सचिव श्री उमराव ने निर्देशित किया है कि उपार्जन एजेंसी के गोदाम प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह संग्रहण में चमकविहीन गेहूँ की प्राप्ति होने पर किसानवार बोरों का परीक्षण करेगा एवं किसानवार चमकविहीन गेहूँ के प्रतिशत का मैन्युअल एवं ऑनलाइन जारी किये जाने वाले स्वीकृति पत्रक में प्रविष्टि करेगा। उपार्जन संस्थाओं से प्राप्त चमकविहीन गेहूँ के ट्रक चालानों में चमकविहीन का प्रतिशत नहीं होने अथवा चमकविहीन के स्वीकृत प्रतिशत से अधिक चमकविहीन पाये जाने पर ऐसे ट्रकों को भंडारण हेतु स्वीकार नहीं किया जाएगा एवं संबंधित उपार्जन केन्द्र को वापस किया जाएगा। भंडारण एजेंसी के संग्रहण केन्द्र प्रभारी का दायित्व होगा कि संग्रहण हेतु प्राप्त एफएक्यू एवं चमकविहीन गेहूँ की उपार्जन संस्था वार पृथक-पृथक स्टेक लगाये जायें। गेहूँ के स्टेक कार्ड में गेहूँ के एफएक्यू अथवा चमकविहीन होने पर पूर्ण विवरण अंकित किया जायेगा, जिसमें ट्रक चालान में उल्लेखित चमकविहीन प्रतिशत को दर्ज किया जायेगा। जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एस.बी. वर्मा ने बताया कि इस संबंध में 9 अप्रैल को उपार्जन केन्द्र सर्वेयरों व उपार्जन केन्द्र के प्रभारियों का प्रशिक्षण जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा हरदा के मिटिंग हॉल में आयोजित किया गया है।

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