राज्य कृषि समाचार (State News)

सामूहिक श्रम से दिया कृषि विकास और किसान-वैज्ञानिक साझेदारी का संदेश

11 जुलाई 2026, पटना: सामूहिक श्रम से दिया कृषि विकास और किसान-वैज्ञानिक साझेदारी का संदेश – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 10 जुलाई 2026 को सामूहिक धान रोपनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई की और कृषि कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धान की रोपनी तक सीमित नहीं था, बल्कि कृषि कार्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना, किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान करना तथा वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय एवं टीम भावना को मजबूत करना भी था।

इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ खेत में कार्य करते हुए धान रोपाई की आधुनिक तकनीकों, पौधों की उचित दूरी, जल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन के उपायों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद कर खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिससे अनुसंधान और खेती के बीच व्यावहारिक तालमेल को नई मजबूती मिली।

आईसीएआर के अधिकारियों ने कहा कि कृषि अनुसंधान तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। खेत में किसानों के साथ मिलकर कार्य करने से उनकी वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है और उसी आधार पर अधिक उपयोगी एवं व्यवहारिक कृषि तकनीकों का विकास किया जा सकता है।

सामूहिक धान रोपनी कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि देश की कृषि को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और उत्पादक बनाने के लिए वैज्ञानिक समुदाय और किसानों के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है। जब अनुसंधान, नवाचार और किसानों का अनुभव एक साथ जुड़ता है, तभी कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।

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