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राज्य कृषि समाचार (State News)

मधुमक्खी पालन विषय पर सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

17 मार्च 2026, उज्जैन: मधुमक्खी पालन विषय पर सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित – प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. ए. के. दीक्षित ने बताया कि गत दिवस कृषि विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन  योजना अंतर्गत मधुमक्खी पालन विषय पर सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पूजन के साथ किया गया।

 प्रधान वैज्ञानिक एवं केन्द्र प्रमुख डॉ. ए. के. दीक्षित द्वारा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। साथ ही डॉ. दीक्षित ने अपने स्वागत भाषण में मधुमक्खी पालन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन व मधुमक्खी पालन किसानों की आय बढ़ाकर सामाजिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अमित बृजवानी, जिला परियोजना प्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), उज्जैन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में  आशीष कनेश, संयुक्त संचालक, उद्यानिकी, उज्जैन संभाग तथा डॉ. अशोक यादव, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरैना उपस्थित रहे।

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मुख्य अतिथि  अमित बृजवानी ने अपने उद्बोधन में किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि यह किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण एवं लाभकारी स्वरोजगार का माध्यम है। विशिष्ट अतिथि  आशीष कनेश ने उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डॉ. अशोक यादव द्वारा मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों, मधुमक्खी बक्सों के प्रबंधन, शहद उत्पादन, प्रसंस्करण तथा विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर डॉ. सविता कुमारी ने किसानों को मधुमक्खी पालन को एक स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने के साथ-साथ कृषि की उत्पादकता एवं उत्पादन को दृष्टिगत रखते हुए फसलों में परागण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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कार्यक्रम के तकनीकी सत्र को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रभावी नेतृत्व प्रदान किया तथा उनका योगदान सराहनीय रहा। साथ ही डॉ. एच. आर. जाटव द्वारा कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र पर आमंत्रित कर मधुमक्खी पालन से संबंधित गतिविधियों तथा शहद एवं अन्य उत्पादों के डिजिटल मीडिया एवं विपणन (मार्केटिंग) के माध्यम से बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के विषय में जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. रेखा तिवारी, डॉ. आशीष बोबड़े, डॉ. मोनी सिंह ने प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान किया तथा प्रतिभागियों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 170 किसान भाइयों एवं महिला किसानों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया गया तथा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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