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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत का बागवानी उत्पादन 2025-26 में 3708.5 लाख टन रहने का अनुमान, दो वर्षों में 160 लाख टन से अधिक की वृद्धि

16 मार्च 2026, नई दिल्ली: भारत का बागवानी उत्पादन 2025-26 में 3708.5 लाख टन रहने का अनुमान, दो वर्षों में 160 लाख टन से अधिक की वृद्धि – भारत में वर्ष 2025-26 के लिए बागवानी उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा वर्ष 2024-25 के 3707.38 लाख टन और 2023-24 के 3547.44 लाख टन उत्पादन से अधिक है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी वर्ष 2024-25 के अंतिम अनुमान और 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान में सामने आई है। इन अनुमानों को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मंजूरी दी है।

जारी आंकड़ों के अनुसार भारत का बागवानी क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। कुल बागवानी क्षेत्रफल 2023-24 के 290.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया, जो 10.50 लाख हेक्टेयर (3.61 प्रतिशत) की वृद्धि दर्शाता है। 2025-26 में बागवानी क्षेत्रफल लगभग 301.31 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है।

उत्पादन के लिहाज से भी क्षेत्र में मजबूत वृद्धि देखी गई है। 2023-24 से 2024-25 के बीच बागवानी उत्पादन में लगभग 159.94 लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 4.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। वर्ष 2025-26 में उत्पादन 3708.46 लाख टन रहने का अनुमान इस क्षेत्र की स्थिर प्रगति को दर्शाता है।

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बागवानी क्षेत्र आज किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा मजबूत करने और कृषि निर्यात बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है।

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भारत का बागवानी क्षेत्र और उत्पादन (2023-24 से 2025-26)

वर्षबागवानी क्षेत्रफल (लाख हेक्टेयर)उत्पादन (लाख टन)वृद्धि
2023-24 (अंतिम)290.863547.44—
2024-25 (अंतिम अनुमान)301.363707.38+159.94 लाख टन (+4.51%)
2025-26 (प्रथम अग्रिम अनुमान)301.313708.46स्थिर वृद्धि

फल और सब्ज़ियों से उत्पादन में प्रमुख बढ़ोतरी

वर्ष 2024-25 में फलों का उत्पादन 1176.49 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2023-24 के 1129.78 लाख टन की तुलना में 4.13 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से केला, आम, मंदारिन, पपीता, अमरूद, तरबूज और कटहल के उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण हुई है।

सब्ज़ियों का उत्पादन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। 2023-24 के 2072.08 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 2177.97 लाख टन होने का अनुमान है, जो 5.11 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। प्याज, आलू, हरी मिर्च, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन, भिंडी, मटर और विभिन्न कद्दू वर्ग की सब्ज़ियों के उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है।

2025-26 में फलों का उत्पादन लगभग 1186.80 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सब्ज़ियों का उत्पादन लगभग 2161.60 लाख टन रहने की संभावना है।

प्याज, आलू और टमाटर के उत्पादन में बदलाव

जारी अनुमान के अनुसार प्याज का क्षेत्रफल 2023-24 के 15.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 19.68 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो 27.74 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। प्याज का उत्पादन 2024-25 में लगभग 307.67 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2023-24 के 242.67 लाख टन से काफी अधिक है।

आलू का उत्पादन 2023-24 के 570.53 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 585.71 लाख टन रहने का अनुमान है। 2025-26 में आलू का उत्पादन लगभग 584.47 लाख टन रहने की संभावना है।

टमाटर का उत्पादन 2023-24 के 213.23 लाख टन से घटकर 2024-25 में 205.99 लाख टन अनुमानित है, लेकिन 2025-26 में इसके 227.02 लाख टन तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

प्रमुख फसलों की स्थिति

फसल2023-24 उत्पादन2024-25 उत्पादन2025-26 अनुमानप्रमुख रुझान
प्याज242.67 लाख टन307.67 लाख टन—26.79% वृद्धि
आलू570.53 लाख टन585.71 लाख टन584.47 लाख टनस्थिर उत्पादन
टमाटर213.23 लाख टन205.99 लाख टन227.02 लाख टनतेज़ वृद्धि की संभावना

प्रमुख बागवानी फसलों का उत्पादन

फसल श्रेणी2023-24 उत्पादन (लाख टन)2024-25 उत्पादन (लाख टन)2025-26 अनुमान (लाख टन)वृद्धि
फल1129.781176.491186.80+4.13%
सब्ज़ियां2072.082177.972161.60+5.11%
मसाले124.84129.93128.18+4.08%
फूल35.3542.6541.65+20.65%
सुगंधित व औषधीय पौधे7.269.019.03उल्लेखनीय वृद्धि
रोपण फसलें176.66169.81179.68पुनः वृद्धि

मसाले, फूल और औषधीय फसलों में तेज़ वृद्धि

उच्च मूल्य वाली फसलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सुगंधित और औषधीय पौधों का क्षेत्रफल 2023-24 के 9.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 9.83 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो 6.13 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इनका उत्पादन 7.26 लाख टन से बढ़कर लगभग 9.01 लाख टन हो गया है।

फूलों की खेती में भी तेज़ विस्तार देखा गया है। 2023-24 के 3.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 3.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती होने का अनुमान है, जो 25.24 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। फूलों का उत्पादन 35.35 लाख टन से बढ़कर 42.65 लाख टन होने का अनुमान है।

मसालों की खेती का क्षेत्रफल 50.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 50.93 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि उत्पादन 124.84 लाख टन से बढ़कर 129.93 लाख टन हो गया है। जीरा, अदरक, लहसुन और हल्दी के उत्पादन में विशेष वृद्धि दर्ज की गई है।

तकनीक, सिंचाई और वैल्यू चेन पर सरकार का फोकस

रोपण फसलों का उत्पादन 2023-24 में 176.66 लाख टन था, जो 2024-25 में 169.81 लाख टन अनुमानित है। हालांकि 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल लगभग 46.59 लाख हेक्टेयर और उत्पादन लगभग 179.68 लाख टन होने की संभावना है।’

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तकनीक, सिंचाई, कोल्ड चेन, भंडारण, प्रसंस्करण और कृषि मूल्य श्रृंखला में निवेश के कारण बागवानी क्षेत्र में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के किसान फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों और औषधीय फसलों के माध्यम से अधिक लाभकारी और टिकाऊ कृषि की ओर बढ़ें।

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