राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में प्रचंड गर्मी का कहर! 44.8°C तक पहुंचा पारा, इंदौर-भोपाल समेत 28 जिलों में लू का अलर्ट

15 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में प्रचंड गर्मी का कहर! 44.8°C तक पहुंचा पारा, इंदौर-भोपाल समेत 28 जिलों में लू का अलर्ट – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के 15 मई 2026 के ताज़ा आकलन के अनुसार मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जहां विदिशा/नौगांव (छतरपुर) में अधिकतम तापमान 44.8°C दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सर्वाधिक है। वहीं इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के लगभग 28 जिलों में लू की स्थिति या उसका अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार दिन के समय तेज और शुष्क हवाओं के साथ गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है। विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी तथा लू के प्रभाव के बने रहने की संभावना जताई है।

सिनोप्टिक मौसम परिस्थितियां

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभ मंडलीय स्तर पर ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी निम्न स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश से लेकर बिहार और उत्तरी बंगाल तक पूर्व-पश्चिम ट्रफ फैला हुआ है। एक अन्य ट्रफ विदर्भ और मराठवाड़ा होते हुए उत्तरी कर्नाटक तक विस्तारित है, जिसके कारण प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

चेतावनी (Weather Warning)

IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कई जिलों में लू, गर्म रात, आंधी-तूफान और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

धार, रतलाम, उज्जैन, देवास, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, शाजापुर, आगर, दतिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में लू का असर देखने की संभावना है।

कुछ जिलों में 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मंडला जिले में गर्म रात और तेज हवाओं का प्रभाव रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें तथा पानी की बर्बादी से बचें। सिंचाई सुबह या शाम के समय करें और मल्चिंग का उपयोग करें। तेज गर्मी के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव न करें।

फसलों की समय पर कटाई करें ताकि गर्मी से नुकसान न हो। कीटों की नियमित निगरानी रखें और दोपहर की तेज धूप में छिड़काव से बचें। पशुपालकों को पशुओं को छाया, साफ पानी और हवादार स्थान उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। पशुओं को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच चराई से बचाने और गर्मी तनाव कम करने के उपाय अपनाने को कहा गया है। 

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