राज्य कृषि समाचार (State News)

नागपुर में जैविक खेती और प्रमाणीकरण विषय पर आवासीय कार्यशाला संपन्न

13 सितम्बर 2024, नागपुर: नागपुर में जैविक खेती और प्रमाणीकरण विषय पर आवासीय कार्यशाला संपन्न – प्रादेशिक जैविक और प्राकृतिक खेती केंद्र, नागपुर और कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाल ही में गोंडखैरी, नागपुर में प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर आधारित 21 दिवसीय (23 अगस्त से 12 सितम्बर 2024 ) आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के  प्रमुख अतिथि श्री सुधीर दिवे , कार्यकारी सदस्य, एग्रो विजन, नागपुर और डॉ. ए.के. भूरिया थे। अध्यक्षता श्री ओमप्रकाश जाजोड़िया, अध्यक्ष, एग्रो एंड रूरल डेवलपमेंट फोरम, वीआईए, नागपुर ने की। इस कार्यशाला में विभिन्न प्रांतों के 30 किसान भाई-बहन शामिल हुए ।

 डॉ. सरिता कुमारी यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में प्रसिद्ध जैविक खेती विशेषज्ञ श्री सुधीर दिवे, नागपुर ने प्राकृतिक, सेंद्रिय, बहुस्तरीय खेती मॉडल पर किसानों से चर्चा की और प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न कृषि मॉडल्स , उनके फायदे, और खेती के सर्वांगीण विकास पर अपने विचार साझा किए। वहीं श्री जाजोड़िया  ने मिट्टी को रासायनिक कीट नाशक से बचाने का आह्वान किया। उन्होंने देशी गायों के फायदे बताते हुए किसानों को समझाया कि खेती में गाय पालन का महत्व है, और यह खेती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ. भूरिया  ने किसानों को मिट्टी का विज्ञान समझाया और बताया कि कैसे मिट्टी को विष से मुक्त करके उसे स्वस्थ बनाया जा सकता है।

डॉ. अजय सिंह राजपूत, प्रादेशिक निदेशक, क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, नागपुर ने किसानों को भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी और प्रमाणीकरण योजना के बारे में बताते हुए यह भी समझाया कि किसान अपनी मिट्टी और उत्पादों को कैसे प्रमाणित कर सकते हैं। समापन के अवसर पर  30 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री चितेश बांडेबुचे, श्री कौशल मेहरा,श्री सौरभ सिंह राजपूत एवं  प्रशिक्षणार्थियों  का भी सहयोग रहा। कार्यशाला का संचालन डॉ. सरिता कुमारी  यादव ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रवीण वुटला ने किया।

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