राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्वालियर-चंबल संभाग में बागवानी फसलों के रकबे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कुल क्षेत्रफल 3.22 लाख हेक्टेयर के पार

24 अगस्त 2025, भोपाल: ग्वालियर-चंबल संभाग में बागवानी फसलों के रकबे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कुल क्षेत्रफल 3.22 लाख हेक्टेयर के पार – ग्वालियर-चंबल संभाग में सरकार की मंशा के अनुसार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी (उद्यानिकी) फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दोनों संभागों में बागवानी फसलों का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है।

वर्ष 2024-25 में ग्वालियर संभाग में बागवानी फसलों का रकबा बढ़कर 2 लाख 71 हजार 524 हेक्टेयर हो गया है, जो कि वर्ष 2023 की तुलना में लगभग 22 हजार हेक्टेयर अधिक है। इसी तरह चंबल संभाग में भी यह क्षेत्रफल लगभग 3 हजार हेक्टेयर बढ़कर 51 हजार 454 हेक्टेयर हो गया है।

जिलावार बागवानी रकबा

संभागीय संयुक्त संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्वालियर संभाग के ग्वालियर जिले में वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी फसलों का रकबा 23 हजार 25 हेक्टेयर, दतिया में 20 हजार 390, शिवपुरी में 69 हजार 610, गुना में एक लाख 27 हजार 995 व अशोकनगर जिले में 30 हजार 504 हेक्टेयर रहा है।

इसी तरह चंबल संभाग के भिण्ड जिले में 11 हजार 966 हेक्टेयर, मुरैना में 20 हजार 312 व श्योपुर जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा 19 हजार 176 हेक्टेयर हो गया है।

Advertisement
Advertisement

फसलवार उद्यानिकी फसलों का ब्यौरा

ग्वालियर संभाग के कुल 2 लाख 71 हजार 554 हेक्टेयर उद्यानिकी रकबे में से फलों का रकबा 16 हजार 153 हेक्टेयर, सब्जियों का रकबा 90 हजार 204 हेक्टेयर, मसालों का एक लाख 58 हजार 583 हेक्टेयर, फूलों का 3 हजार 629 हेक्टेयर एवं औषधि व सुगंधित फसलों का रकबा 2 हजार 956 हेक्टेयर है।

इसी तरह चंबल संभाग के कुल 51 हजार 454 हेक्टेयर उद्यानिकी रकबे में फसलों का रकबा 7 हजार 211 हेक्टेयर, सब्जियों का 32 हजार 501, मसालों का 10 हजार 997, फूलों का 489 व औषधि एवं सुगंधित फसलों का रकबा 256 हेक्टेयर है। 

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement