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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान कृषि जोतों पर अधिकतम-सीमा अधिरोपण विधेयक पारित

02 अगस्त 2020, जयपुर। राजस्थान कृषि जोतों पर अधिकतम-सीमा अधिरोपण विधेयक पारित – राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान कृषि जोतों पर अधिकतम-सीमा अधिरोपण (संशोधन) विधेयक, 2020 ध्वनिमत से पारित कर दिया। प्रारम्भ में राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पर चर्चा के बाद राजस्व मंत्री ने विधेयक के उद्देश्यों व कारणों पर प्रकाश डालते हुए आश्वस्त किया कि विधेयक में किसान के हक और अधिकाराें को नुकसान पहुँचाने का काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद पर्यावरण और आर्थिक व्यवस्था बड़ी चिंता के विषय है। पेट्रोलियम के लिए देश की गाढ़ी कमाई खर्च करनी पड़ती है। सौर ऊर्जा ग्रीन ऊर्जा का स्रोत है जो पर्यावरण अनुकूल है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से एक करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। उनमें अधिकतर किसान वर्ग व समाज का गरीब आदमी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसान के हक और अधिकार को किसी कम्पनी को नहीं बेचा जायेगा तथा इस बिल में किसान व मजदूर वर्ग की अनदेखी नहीं की गई है।

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श्री चौधरी ने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग का किसान अपनी जमीन को सामान्य वर्ग के किसान की भांति किराये पर नहीं दे सकता, लेकिन आने वाले समय में इन वर्गों के किसान भी अपनी जमीन को किराये पर दे सकें, ऎसे प्रावधान किये जायेंगे। इससे पहले सदन ने विधेयक को जनमत जानने के लिए प्रचारित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया

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राजस्थान कृषि उपज मण्डी विधेयक पारित

राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान कृषि उपज मण्डी (द्वितीय संशोधन)  विधेयक,  2020 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले संसदीय मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया। इसके बाद विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों पर प्रकाश डालते हुए श्री धारीवाल ने बताया कि व्यापारी राज्य के मण्डी क्षेत्र में अन्य राज्यों से अधिसूचित कृषि उपज लाते हैं किन्तु वे मण्डी फीस इस आधार पर संदत्त नहीं करते है कि संव्यवहार राज्य के बाहर किया गया था।

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राजस्थान कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1961 (1961 का अधिनियम सं. 38) में इसके संबंध में कोई स्पष्ट उपबंध नहीं हैं, यद्यपि व्यापारियों द्वारा अन्य राज्यों से लायी गयी ऎसी उपज पर मण्डी फीस संदेय है क्योंकि क्रय की प्रक्रिया राज्य के भीतर पूरी की जाती है। इसलिए व्यापारियों द्वारा अन्य राज्यों से राज्य के मण्डी क्षेत्र में लायी गयी अधिसूचित कृषि उपज पर मण्डी फीस का संदाय सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2020 लाया गया है। इससे पहले सदन ने विधेयक को जनमत जानने के लिए प्रचारित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।