राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: प्राकृतिक खेती से बदली खेमचंद जांगिड की तकदीर, 2 हेक्टेयर में कमाए 5.5 लाख रुपए  

07 मई 2026, जयपुर: राजस्थान: प्राकृतिक खेती से बदली खेमचंद जांगिड की तकदीर, 2 हेक्टेयर में कमाए 5.5 लाख रुपए – राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार संचालित ग्राम विकास रथ अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग के वीभिन्न योजनाओं से लाभान्वित खेमचन्द जांगिड की सफलता कहानी सामने आई है, जिसने आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी आय और आत्मविश्वास दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

 जिले की किशनगढ़-बास तहसील के ग्राम बघेरीकला निवासी किसान खेमचन्द जांगिड पुत्र शुभराम ने आधुनिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। उन्होंने जैविक खेती, वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन, पशुपालन, कृषि वानिकी एवं उद्यानिकी को एक साथ अपनाकर अपनी आय को स्थायी रूप से बढ़ाया है।

 2 हेक्टेयर में कर रहे प्राकृतिक खेती  

किसान खेमचन्द जांगिड वर्तमान में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिसमें वे जीवामृत, बीजामृत और घनामृत का उपयोग करते हुए बिना रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के फसल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने अपने खेत पर वर्मीकम्पोस्ट इकाई स्थापित कर रखी है, जहां निरंतर जैविक खाद का उत्पादन किया जा रहा है। इस खाद का उपयोग वे अपने खेतों में करते हैं, साथ ही अन्य किसानों को भी उच्च गुणवत्ता के केंचुए उपलब्ध कराकर उन्हें जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

गेहूं-प्याज की खेती के साथ करते हैं पशुपालन  

पशुपालन के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। वर्तमान में उनके पास 6 देशी गाय, 3 भैंस, 2 पाड़ी एवं 3 बछड़ी हैं, जिनसे उन्हें दूध उत्पादन के साथ-साथ जैविक खेती के लिए आवश्यक संसाधन भी प्राप्त हो रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने खेत की सीमाओं पर 250 पौधे (नीम, शीशम, सिरस) लगाकर कृषि वानिकी को बढ़ावा दिया है। उद्यानिकी के तहत वे प्याज की खेती भी कर रहे हैं तथा गेहूं की उन्नत किस्म राज 4238 का उत्पादन कर रहे हैं।

सरकारी योजना बनी सहारा

कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हुए उन्हें जैविक गोवर्धन इकाई (₹10,000), पाइपलाइन (₹18,000), मिनी फव्वारा (₹18,000), ड्रिप सिंचाई योजना (₹20,000) तथा NMNF योजना के तहत ₹4,000 प्रति वर्ष (तीन वर्षों तक) का अनुदान प्राप्त हुआ है।

इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप किसान खेमचन्द जांगिड की अनुमानित वार्षिक आय लगभग 5.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी यह सफलता न केवल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती को अपनाएं तो वे कम लागत में अधिक लाभ कमा सकते हैं। कृषि विभाग के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर खेमचन्द जांगिड आज एक सफल एवं प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं। 

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