राजस्थान: PM फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच
29 जुलाई 2026, जयपुर: राजस्थान: PM फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच – राजस्थान सरकार ने खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक दो फसल मौसम के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत खैरथल-तिजारा जिले में खरीफ 2026 के लिए कपास एवं बाजरा फसल को बीमा योजना में अधिसूचित किया गया है। खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि ऋणी (केसीसी धारक) किसानों का फसल बीमा संबंधित वित्तीय संस्था के माध्यम से किया जाएगा। ऐसे किसान 29 जुलाई तक अपने केसीसी में दर्ज खसरा नंबरों पर बोई गई फसलों की जानकारी संबंधित बैंक में उपलब्ध करा सकते हैं। निर्धारित समय तक सूचना नहीं देने पर बैंक पूर्व उपलब्ध विवरण के आधार पर फसल बीमा कराएंगे।
उन्होंने बताया कि गैर ऋणी एवं बटाईदार किसान स्वैच्छिक आधार पर 31 जुलाई तक निकटवर्ती केंद्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक, डाकघर तथा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। इसके अलावा बीमा कंपनी के अधिकृत एजेंट अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से भी नामांकन कराया जा सकता है। गैर ऋणी किसानों के लिए फसल बीमांकन हेतु एग्री स्टैक आईडी होना अनिवार्य है। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का चयन किया गया है।
72 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना
उन्होंने बताया कि योजना के तहत कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई नहीं होने की स्थिति में क्षेत्रीय आधार पर बीमा लाभ मिलेगा। वहीं खड़ी फसल में सूखा, लंबी शुष्क अवधि, बाढ़, जलभराव, कीट एवं रोग, भूस्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि तथा चक्रवात से होने वाली उपज हानि का भी बीमा प्रावधान है। फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर अधिकतम 14 दिनों तक व्यक्तिगत आधार पर जोखिम कवर उपलब्ध रहेगा। ऐसी किसी भी क्षति की सूचना किसान को घटना के 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप अथवा संबंधित बैंक/कृषि विभाग के अधिकारियों को लिखित रूप में देना आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई वित्तीय संस्था पात्र किसान का राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर पंजीयन नहीं करती, देय प्रीमियम जमा नहीं करती, कम प्रीमियम वसूलती है अथवा फसल, बीमा इकाई, गांव या बुवाई का विवरण गलत दर्ज करती है, तो ऐसी स्थिति में किसान को देय बीमा क्लेम का संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित वित्तीय संस्था का होगा।
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