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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की संशोधित नीति को स्वीकृति

26 जुलाई 2025, भोपाल: राजस्थान: किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की संशोधित नीति को स्वीकृति – राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में 400 केवी और उससे अधिक क्षमता की नवीन ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण पर पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) से प्रभावित भूमि हेतु किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की संशोधित नीति को स्वीकृति प्रदान की है।

सरकार के इस निर्णय से अब 400 केवी एवं उससे अधिक ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण में अतिरिक्त मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने किसानों की बरसों पुरानी मांग को स्वीकार किया है जिससे भविष्य में किसानों को ट्रांसमिशन लाइनों के पथाधिकार एवं टावर क्षेत्र में उपयोग में आने वाली भूमि का समुचित मुआवजा मिल सकेगा। राजस्थान में 8 नवम्बर, 2024 को लागू 132 केवी या उससे ज्यादा क्षमता की नई ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण पर पथाधिकार (ROW) से प्रभावित भूमि के बदले मुआवजा नीति में 400 केवी एवं उससे अधिक वोल्टेज की ट्रान्समिशन लाइनों के लिए आंशिक संशोधन किया गया है। पथाधिकार भूमि की एक पट्टी होती है, जहां ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव का काम किया जाता है। ट्रांसमिशन लाइन पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) का केंद्र है। पथाधिकार उन सभी पेड़ों, संरचनाओं और निर्माण को हटाता है जो बिजली लाइनों में बाधा डालते हैं। इस संशोधित नीति के अनुसार इन लाइनों के टावर के आधार क्षेत्र के लिए डीएलसी दरों के अनुसार भूमि मूल्य पर पहले से देय 200 प्रतिशत के अतिरिक्त अब 200 प्रतिशत मुआवजा और दिया जायेगा। टावर का आधार क्षेत्र, भूतल पर टावर के चारों पैरों से घिरा हुआ क्षेत्र होगा, साथ ही प्रत्येक तरफ एक मीटर का अतिरिक्त विस्तार भी होगा।

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