Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगे कृषि उपकरण , झुंझुनूं जिले में 4 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित

01 अक्टूबर 2025, जयपुर: राजस्थान: न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगे कृषि उपकरण , झुंझुनूं जिले में 4 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित – राजस्थान के झुंझुनूं जिले में खेती को और सुविधाजनक व किफायती बनाने के लिए राजीविका और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। शुक्रवार को जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने राजीविका स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं के चार ट्रैक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा कि राजीविका योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर द्वारा ट्रैक्टर और कृषि में उपयोग होने वाले उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों की कुल लागत 11 लाख रुपए है, जिसमें से 8 लाख रुपए सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में प्रदान किए गए हैं।

जिला कलेक्टर ने बताया कि यह सुविधा गांव के उन किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी जो स्वयं ट्रैक्टर नहीं खरीद सकते। इसके अलावा, इन उपकरणों से होने वाला किराया स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को प्राप्त होगा, जिससे उनके आय के स्रोत में वृद्धि होगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

राजीविका के जिला प्रबंधक ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि विभाग और राजीविका के संयुक्त प्रयास से गांवों में महिला स्वयं सहायता समूहों को ट्रैक्टर और पांच कृषि उपकरण प्रदान किए गए हैं। जिससे छोटे आकार के खेतों के कारण अधिकांश किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदना संभव नहीं होता। इस बात को ध्यान में रखते हुए, यह सुविधा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान की गई है, जिससे ये उपकरण निराई-गुड़ाई जैसे कृषि कार्यों में उपयोगी साबित होंगे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

जिले के चार स्थानों पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए है, जो भौसावता कलां, पचेरी कलां, बख्तावरपुरा एवं डूण्डलोद में बनाएं गए है। जहां पर राजीविका से जुड़ी हुई महिलाओं को खेती में उपयोग होने वाले कृषि उपकरण न्यून्नतम दरों पर उपलब्ध करवाएं जाएंगे। इन उपकरणों में अभी ट्रैक्टर, रोटोवेटर, ढिसपलाओ, शीटकम फर्टिलाईजर, स्प्रे मशीन शामिल है, जिनमें आगे आवश्यकतानुसार और बढ़ोतरी की जाएगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture