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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, 3.72 लाख टन यूरिया समेत 7.83 लाख टन खाद का स्टॉक

08 अक्टूबर 2026, जयपुर: राजस्थान: उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, 3.72 लाख टन यूरिया समेत 7.83 लाख टन खाद का स्टॉक – राजस्थान में रबी सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार और कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 3 लाख 72 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 06 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 97 हजार मीट्रिक टन एनपीके और 2 लाख 08 हजार मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। इस तरह इन चार प्रमुख उर्वरकों का कुल स्टॉक 7 लाख 83 हजार मीट्रिक टन है।

कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर उनकी मांग के अनुसार प्राथमिकता से उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए भी विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उर्वरक उपलब्धता और वितरण की समीक्षा

रबी 2026-27 में किसानों को मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय ‘फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेट्री टास्क फोर्स’ की बैठक आयोजित की गई।

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कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों को किसी भी अफवाह या बहकावे में आकर अनावश्यक रूप से उर्वरक खरीदने या उसका भंडारण करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय कर प्रदेश की जरूरत के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

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फसल विविधीकरण के अनुसार तैयार की गई योजना

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से तिलहन और दलहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में इन फसलों के बुवाई क्षेत्र में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वहीं, खाद्यान्न फसलों के क्षेत्रफल में कमी प्रस्तावित है।

रबी 2025-26 में 39.82 लाख हेक्टेयर में तिलहनी, 20.69 लाख हेक्टेयर में दलहनी और 42.77 लाख हेक्टेयर में अनाज की बुवाई हुई थी। वहीं रबी 2026-27 में 40.06 लाख हेक्टेयर तिलहनी, 21.95 लाख हेक्टेयर दलहनी और 38.50 लाख हेक्टेयर अनाज की बुवाई प्रस्तावित है। फसलवार प्रस्तावित क्षेत्रफल और उर्वरकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्य में उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण की योजना तैयार की गई है।

केंद्र से लगातार समन्वय, यूरिया-डीएपी की आपूर्ति जारी

रबी 2026-27 में अक्टूबर महीने के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान को 4 लाख 60 हजार मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया है। 1 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 4 लाख 33 हजार मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। इसी तरह अक्टूबर के लिए केंद्र सरकार ने 2 लाख 400 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया है। 1 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 1 लाख 41 हजार मीट्रिक टन डीएपी की व्यवस्था की जा चुकी है। आवंटित मात्रा के अनुसार राज्य में उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है।

24 एफआईआर, 118 उर्वरक लाइसेंस पर कार्रवाई

उर्वरक वितरण में जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया डायवर्जन और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ विभाग ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की है। विभाग ने 12 हजार 362 विक्रय परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान 24 एफआईआर दर्ज, 115 उर्वरक लाइसेंस निलंबित और 3 लाइसेंस निरस्त किए गए।

उर्वरक डायवर्जन के मामलों में विभिन्न उर्वरकों के 1,223 बैग जब्त किए गए हैं। वहीं, गुणवत्ता नियंत्रण कार्रवाई के तहत यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, टीडीएम और प्रोम के कुल 8 हजार 533 बैग जब्त किए गए। दर्ज एफआईआर के मामलों में अब तक 11 लोगों की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की जा चुकी है।

वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक विशेष गुणवत्ता नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत निरीक्षण, जब्ती, नमूना लेने और उर्वरक डायवर्जन रोकने जैसी कार्रवाई की जा रही है।

मांग के अनुसार पारदर्शी वितरण

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने बताया कि केंद्र सरकार यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का राज्यों को महीनेवार और कंपनीवार आवंटन करती है। राज्य सरकार प्राप्त आवंटन और जिलों की मांग के आधार पर जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर उर्वरकों का पारदर्शी और समान वितरण सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में प्रदेश में फॉस्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता बेहतर है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई सिफारिश के अनुसार ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कालाबाजारी रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट

उर्वरकों में अनियमितता, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। विभाग लगातार उर्वरकों के वितरण की निगरानी कर रहा है। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रत्येक उर्वरक विक्रेता के विक्रय परिसर पर वितरण और निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है। अधिक किसानों वाले विक्रय केंद्रों पर किसानों को कतारबद्ध कर विभागीय अधिकारियों की निगरानी में उर्वरक वितरित कराया जा रहा है।

सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के अनधिकृत रूप से दूसरे राज्यों में जाने से रोकने के लिए विभागीय कर्मचारियों और जरूरत के अनुसार पुलिस के सहयोग से 61 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनके जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन पर नजर रखी जा रही है।

किसानों से जरूरत के अनुसार उर्वरक खरीदने की अपील

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या बहकावे में आकर परेशान न हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों की जरूरत के अनुसार लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदने और अनावश्यक भंडारण नहीं करने का आग्रह किया। राज्य सरकार की ओर से किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र के साथ लगातार समन्वय और निगरानी जारी रखने की बात कही गई है।

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