राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर: कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी मॉडल की देशभर में चर्चा, जैविक खेती और आधुनिक तकनीक से बदल रही किसानों की तकदीर

16 जून 2026, रायपुर: रायपुर: कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी मॉडल की देशभर में चर्चा, जैविक खेती और आधुनिक तकनीक से बदल रही किसानों की तकदीर – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला सह कृषक सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उन्नत खेती, नवाचार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के कारण सुरगी मॉडल आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

किसानों के हित में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यूरिया की बाजार कीमत लगभग 2,220 रुपए प्रति क्विंटल है, लेकिन केंद्र सरकार की सब्सिडी नीति के कारण किसानों को यह मात्र 266 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ते हुए गोबर खाद और जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए।

देशभर में पहचान बना चुका है कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र, सुरगी आज प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहां छह राज्यों के विद्यार्थी अध्ययन और अनुसंधान के लिए पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सुरगी उनका गोद ग्राम है, जहां निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। सुरगी-खरखरा डायवर्सन नहर लाइनिंग का 19 करोड़ रुपए का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं शिवनाथ डायवर्सन से जुड़ी मुख्य नहर और लघु नहरों का निर्माण लगभग 27 करोड़ रुपए की लागत से कराया जा रहा है, जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

करोड़ों के विकास कार्यों से बदली सुरगी की तस्वीर

उन्होंने बताया कि सुरगी सौर चलित सिंचाई परियोजना, कृषि महाविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हाई स्कूल, विद्युत उपकेंद्र, शौचालय उन्नयन तथा विभिन्न अधोसंरचनात्मक कार्यों सहित ग्राम पंचायत सुरगी में करोड़ों रुपए के विकास कार्य किए गए हैं।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कम लागत में बेहतर उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और नवाचारों के कारण सुरगी मॉडल प्रदेशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

ड्रोन और आधुनिक मशीनों से खेती को मिल रही नई दिशा

उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ड्रोन एवं आधुनिक मशीनों के माध्यम से कृषि कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों को नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है और खेती अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बन रही है। उन्होंने किसानों से कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान और तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने का आग्रह किया।

प्राकृतिक खेती समय की जरूरत : संतोष पाण्डेय

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए गोबर और गौमूत्र से निर्मित जीवामृत तथा नीमास्त्र के उपयोग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में लगभग 550 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती की जा रही है, जिसका प्रमाणीकरण भी कराया जा रहा है।

1.24 लाख किसानों को मिली 1,484 करोड़ रुपए की राशि

कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में धान विक्रय करने वाले 1 लाख 24 हजार 101 किसानों को कृषक उन्नयन योजना के तहत 1,484 करोड़ रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की गई है। इसके अलावा किसानों को 454.12 करोड़ रुपए की अंतर राशि का भुगतान भी किया गया है।

उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, लघुधान्य एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है, जो पहले 11 हजार रुपए प्रति एकड़ थी। इसके अलावा सभी खरीफ फसलों पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

फसल चक्र परिवर्तन से किसानों ने बनाया नया रिकॉर्ड

कलेक्टर ने बताया कि जिले के किसानों ने रबी वर्ष 2025-26 में लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में फसल चक्र परिवर्तन करते हुए मक्का, चना, मसूर और सरसों की खेती की। इससे किसानों ने 19 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की उपज का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

पीएम-आशा योजना के तहत जिले में पहली बार दलहन और तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई। इसके अंतर्गत 16,224 क्विंटल चना, मसूर और सरसों का उपार्जन कर किसानों को 9.37 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ मिला।

मक्का खरीदी से किसानों को मिला लाभ

कलेक्टर ने बताया कि पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध के माध्यम से किसानों से 5 करोड़ रुपए मूल्य का मक्का खरीदा गया है। भविष्य में सोयाबीन की खरीदी भी किए जाने की योजना है, जिससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे।

खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त बीज और उर्वरक उपलब्ध

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक उपलब्ध हैं। समितियों के माध्यम से 45,650 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 34,480 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण और 26,183 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर कृषि ऋण, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 43 नई सेवा सहकारी समितियों की स्थापना की गई है।

उत्कृष्ट किसानों का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विभिन्न कृषि एवं जैविक उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कृषक एनेश्वर वर्मा और प्राकृतिक खेती से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य नीता साहू ने अपने अनुभव भी साझा किए।

इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन बघेल, उपाध्यक्ष भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Glob

Advertisements