शहर की नौकरी छोड़, गांव में मत्स्य पालन चुना; युवा किसान ने की 4.50 लाख रुपये की तगड़ी कमाई
31 मई 2026, भोपाल: शहर की नौकरी छोड़, गांव में मत्स्य पालन चुना; युवा किसान ने की 4.50 लाख रुपये की तगड़ी कमाई – मेहनत, लगन और आधुनिक तकनीक के समन्वय से सफलता हासिल करने वाले झाबुआ विकासखण्ड मेघनगर के ग्राम मदरानी निवासी 35 वर्षीय इन्द्रजीत गुण्डिया आज जिले के सफल मत्स्य कृषकों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। इंदौर से बी.एस.सी. की शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने शहर में रोजगार तलाशने के बजाय अपने गांव में रहकर स्वरोजगार अपनाने का निर्णय लिया और यह निर्णय आज उनकी सफलता की कहानी बन गया।
गुण्डिया ने वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत अपनी पुश्तैनी भूमि पर 0.5 हेक्टेयर क्षेत्र में तालाब निर्माण कराया। इसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति एवं उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए वर्ष 2025-26 में 5000 मत्स्य बीज अंगुलिकाओं का संचयन कर मत्स्य पालन कार्य प्रारंभ किया।
4.50 लाख रुपये की हुई शुद्ध आय
उन्होंने अपने तालाब में पंगेशियस, कामन कार्प एवं राहु प्रजाति की मछलियों का पालन किया। नियमित देखरेख, संतुलित आहार प्रबंधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के कारण उन्हें लगभग 4000 किलोग्राम मत्स्य उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित मछलियों को स्थानीय बाजार में तथा तालाब से जीवित अवस्था में 200 से 220 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया गया।
मत्स्य पालन व्यवसाय से इन्द्रजीत गुण्डिया को लगभग 4.50 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस उपलब्धि ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार लाया है।
आज श्री गुण्डिया क्षेत्र के युवाओं एवं किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्र में भी स्वरोजगार के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
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