पल्प एंड पेस्ट बनाने वाली कंपनी ने खेतों में किए सफल ट्रॉयल

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जायकेदार टोमेटो पल्प व पेस्ट के लिए खरगोन की भूमि तैयार

22 फरवरी 2021, खरगोन । पल्प एंड पेस्ट बनाने वाली कंपनी ने खेतों में किए सफल ट्रॉयल – खरगोन की उपजाऊ भूमि से पैदा होने वाले जायकेदार और रसीले टमाटर का पल्प व पेस्ट अब पूरे प्रदेश सहित देश में रंग जमाएगा। यहां से न सिर्फ टमाटर का पल्प बल्कि मिर्च का पेस्ट भी बनेगा। इतना ही नहीं टमाटर मिर्च के अलावा अमरूद, पपीता और मेंगों के भी स्वादिष्ट और जायकेदार खट्टे-मीठे उत्पाद तैयार होंगे। इसके लिए फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने अपना काम शुरू कर दिया है। कंपनी के पार्टनर शशांक भदौरा ने बताया कि खरगोन में मिर्च, अमरूद, पपीता और मेंगों प्रमुखता के साथ मिलता है। इसके अलावा टमाटर के पल्प के लिए भी हमें उपयोगी टमाटर तैयार करने थे। इसके लिए बरूड़ के किसानों के खेतों में ट्रॉयल किए है, जो वास्तव में सुखद परिणामों वाला रहा है। हालांकि यहां पहले से ही किसान टमाटर की खेती करता रहा है, लेकिन पल्प व पेस्ट के लिए हमें एक भिन्न किस्म के टमाटर चाहिए होते है, जिसके आसानी से पल्प बनाए जा सके। हमारी कंपनी दिसंबर 2021 से अपना प्रोडक्शन प्रारंभ कर देगी।

बरूड़ के किसानों ने की कंपनी के लिए कांट्रेक्ट फॉर्मिंग 

फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने अपना प्लांट प्रारंभ करने से पूर्व बरूड़ के 5 किसानों के खेतों में 1-1 एकड़ रकबे में कांट्रेक्ट फॉर्मिंग शुरू की। राजेश कुमरावत ने बताया कि कंपनी ने 1 एकड़ के रकबे में पौध प्रदान की। इस किस्म में 70 दिनों से ही फ्रूटिंग शुरू हो गई। इसके लिए हम किसानों को 4-4 किश्तों में 5-5 हजार रुपए की राशि प्रदान की है। इसके अलावा अनुबंध के अनुसार 4 रुपए प्रतिकिलो का लाभ भी प्रदान करेगी। बरूड़ के ही युवा किसान विक्की कुमरावत बताते हैं कि हम बरसों से टमाटर की फसल ले रहे हंै, जिसमें बांस-बल्ली का भरपूर उपयोग होता है। इससे किसानों की फसल लागत बढ़ जाती है, लेकिन जापानी किस्म के टमाटर में बांस-बल्ली की आवश्यकता नही होती है। इस कारण किसानों के लिए बेहद लाभकारक हो सकता है। साथ ही हमारे जैसे टमाटर व मिर्ची के साथ-साथ अमरूद, पपीता व मेंगो उत्पादक किसानों के लिए खुशी की बात है कि जिले में ही इसके लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट प्रारंभ होगी। अब किसानों को अपने टमाटर की फसल कम कीमत के कारण फेंकना नहीं पड़ेगी। रामेश्वर कुमरावत, विक्की कुमरावत, संदीप कुमरावत, राजेश कुमरावत व महेश कुमरावत के खेतों में 1-1 एकड़ के रकबे में ट्रायल किए गए।

मध्य भारत की सबसे बड़ी होगी फूड प्रोसेसिंग यूनिट

लंबे समय से जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। इसी के अंतर्गत रविवार को इंड्स मेगा फूड पार्क निमरानी में 2 एकड़ रकबे में फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने भूमिपूजन किया है। कंपनी के पार्टनर शशांक भदौरा ने बताया कि यह यूनिट मध्य भारत की सबसे बड़ी यूनिट होगी, जहां पल्प व पेस्ट बनकर तैयार होगा, जिसकों किसी प्रिजरवेटिव मिलाए बिना लंबे समय तक पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जाएगा। ईसेप्टीक पैकेजिंग विधि से यहां बनने वाले प्रोडक्ट को सहेज कर रखा जाएगा। श्री भदौरा ने बताया कि इस यूनिट के निर्माण के भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 5 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट का 100 टन प्रतिदिन का होगा। यहां मौसम आधारित कार्य लगातार किए जाएंगे। खरगोन की खेती बहुत उपजाऊ है और यहां के किसानों को भी इस प्लांट का पर्याप्त लाभ मिलेगा।

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