MP को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी, 13 जुलाई से शुरू होगा ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ का तीसरा चरण
09 जुलाई 2026, भोपाल: MP को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी, 13 जुलाई से शुरू होगा ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ का तीसरा चरण – मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य और ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में 13 जुलाई से ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ का तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। इस चरण के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग की टीमें प्रदेशभर के 5.72 लाख पशुपालकों के घर पहुंचकर उन्हें आधुनिक पशुपालन, नस्ल सुधार, पशु पोषण और टीकाकरण से जुड़ी जानकारी देंगी।
इस संबंध में बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी सभागार में किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बैठक में विभाग की योजनाओं, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और पशुपालकों को अधिक लाभ पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही किसानों के सुझाव भी लिए गए। बैठक में किसान प्रतिनिधि महेश चंद्र चौधरी सहित विभिन्न जिलों के किसान मौजूद रहे।
घर-घर जाकर दी जाएगी आधुनिक पशुपालन की जानकारी
प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ के तहत विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पशुपालकों के घर जाकर उन्हें पशुओं की नस्ल सुधार, संतुलित पशु पोषण, नियमित टीकाकरण और सेक्स सॉर्टेड सीमेन जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे। अभियान के पहले दो चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरा चरण 13 जुलाई से शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि इस चरण में विशेष रूप से ऐसे पशुपालकों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास 3 से 4 गाय या भैंस हैं। प्रशिक्षित विभागीय अमला उनके घर पहुंचकर वैज्ञानिक पशुपालन संबंधी जानकारी देगा, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सके और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो।
5.72 लाख पशुपालकों तक पहुंचेगा अभियान
विभाग ने अभियान के तीसरे चरण में 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर पहुंचने का लक्ष्य तय किया है। प्रमुख सचिव ने इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इसमें सक्रिय सहभागिता करने का आग्रह किया।
‘क्षीरधारा’ सहित अन्य योजनाओं की दी जानकारी
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने क्षीरधारा योजना समेत विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस
उमाकांत उमराव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए जरूरी है कि विभाग की योजनाएं और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकें गांव-गांव तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो पशुपालकों को जागरूक करने और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, सांची बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक सत्यनिधि शुक्ला, नानाजी देशमुख वेटरनरी विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलसचिव एस.एस. तोमर तथा गौ-संवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनुपम अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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