राज्य कृषि समाचार (State News)

मालाबार नीम से 4 साल में एक एकड़ से 20 लाख रुपये तक शुद्ध आय की संभावना, किसानों ने जाना उन्नत खेती का मॉडल

07 जुलाई 2026, भोपाल: मालाबार नीम से 4 साल में एक एकड़ से 20 लाख रुपये तक शुद्ध आय की संभावना, किसानों ने जाना उन्नत खेती का मॉडल – किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें परंपरागत खेती के साथ अधिक लाभ देने वाले विकल्पों से जोड़ने के लिए गुना में मालाबार नीम की उन्नत खेती पर विशेष कृषक सेमिनार एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों और उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े किसानों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से आए विशेषज्ञों ने किसानों को मालाबार नीम की व्यावसायिक खेती की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है, जो करीब चार साल में 40 फीट तक ऊंचाई और लगभग 43 इंच घेरा प्राप्त कर लेता है। एक पेड़ से औसतन 3 से 4.5 क्विंटल लकड़ी मिलती है, जिसकी बाजार में 700 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार 10×6 फीट की दूरी पर एक एकड़ में करीब 700 पौधे लगाए जा सकते हैं। लगभग 1.75 लाख रुपये की शुरुआती लागत के बाद चार वर्षों में एक एकड़ से करीब 20 लाख रुपये तक शुद्ध आय मिलने की संभावना है। एक बार लगाए गए पौधों की हर चार साल में तीन बार कटाई की जा सकती है। इस तरह 12 वर्षों में लगभग 80 लाख रुपये तक शुद्ध लाभ मिलने की संभावना जताई गई।

इन उद्योगों में होती है लकड़ी की मांग

विशेषज्ञों ने बताया कि मालाबार नीम की लकड़ी का उपयोग प्लाईवुड, फर्नीचर, पैकेजिंग, माचिस और पेपर उद्योग सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इसके अलावा यह पेड़ पर्यावरण संरक्षण, कार्बन अवशोषण और हरित आवरण बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

किसानों को कराया जाएगा अध्ययन भ्रमण

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जिले के पांच प्रगतिशील किसानों का अध्ययन भ्रमण छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कराया जाएगा, ताकि वे वहां मालाबार नीम की सफल खेती का प्रत्यक्ष अनुभव लेकर जिले में भी इस मॉडल को विकसित कर सकें।

उद्यानिकी विभाग तैयार करेगा कार्ययोजना

उप संचालक उद्यान केपीएस किरार ने बताया कि अध्ययन भ्रमण के बाद इच्छुक किसानों के सहयोग से जिले में मालाबार नीम की खेती का प्रदर्शन किया जाएगा और इसके विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विभाग का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना है, जो लंबे समय में अधिक आय का बेहतर विकल्प बन सकें।

कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि अरुण पाटीदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शिव सिंह किरार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामदीन धाकड़ सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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