आलू किसानों ने 200 करोड़ रु. से अधिक कमाए

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फसल विविधिकरण पर

3 मार्च 2022, भोपाल । आलू किसानों ने 200 करोड़ रु. से अधिक कमाए म.प्र. के छिन्दवाड़ा जिले की तहसील उमरेठ आलू उत्पादन के लिए एक क्लस्टर के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हुए विकसित हो रहा है। जब से जिले की बागडोर उपसंचालक कृषि श्री जितेन्द्र सिंह ने संभाली है तब से फसल विविधिकरण में गति आई है। श्री सिंह बताते है कि क्षेत्र के आलू की गुणवत्ता, स्वाद व पौष्टिकता के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियां आलू उत्पादन में बढ़ौत्री एवं उसकी प्रोसेसिंग करते हुए आलू खरीद रही है। जिले में लगभग 12 हजार हेक्टेयर में 15 हजार किसानों द्वारा आलू लगाया गया है, जिसकी औसत उत्पादकता 18 मे. टन प्रति हेक्टेयर रही। लगभग 2.25 लाख मे. टन आलू का उत्पादन प्राप्त किया गया है।

उमेरठ तहसील में खेती का रकबा 12 हजार हेक्टेयर है, जिसमें से 18 से 20 ग्रामों के लगभग 7500 किसानां द्वारा लगभग 8 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती की जा रही है। 90 दिन की आलू की फसल से इस वर्ष इन 7500 किसानों द्वारा 144 हजार मे. टन आलू का उत्पादन किया गया है।

पेप्सिको, हायफन सीड्स, आई.टी.सी. बालाजी, हल्दीराम आदि बड़ी-बड़ी कंपनियां द्वारा इन किसानों से बायबैक के तहत आलू का क्रय किया गया है। इन कंपनियों को आलू का विक्रय करने पर उमरेठ क्लस्टर के इन 18 से 20 ग्रामों के 8 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती करने वाले किसानों को लगभग रु. 216 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। यहां का आलू जिले के सीमावर्ती प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश जैसे उत्तर प्रदेश, कलकत्ता आदि के अलावा मध्यप्रदेश के बड़े-बड़े जिलों में भी जा रहा है। इस प्रकार कृषि फसल विविधिकरण में आलू फसल ने जिले के किसानों की तस्वीर और तकदीर बदलने का कार्य किया है। किसान फसल विविधीकरण अपनाकर किसान आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं समृद्ध होते जा रहे हैं।

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