मध्यप्रदेश के 20 जिलों में भारी वर्षा की संभावना
11 सितंबर 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश के 20 जिलों में भारी वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर; जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर; भोपाल, नर्मदापुरम संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; इंदौर, ग्वालियर , चंबल संभागों के जिलों में कहीं -कहीं वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष संभाग के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। 1 जून से 11 सितंबर 2026 तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -8 % कम वर्षा हुई है। पूर्वी मप्र में औसत से -1 % कम वर्षा हुई है। पश्चिमी मप्र में औसत से – 14 % कम वर्षा हुई है। अति भारी वर्षा – दमोह 144.0 मिमी तथा भारी वर्षा – गुलाबगंज 90.0, पटेरा 86.0, पथरिया में 76.0 मिमी दर्ज़ की गई।
वर्षा के प्रमुख आंकड़े – दमोह 144.0, गुलाबगंज 90.0, पटेरा 86.0, पथरिया 76.0, बरहाई 62.0, सिंगरौली 60.2, बड़ा मलहरा 59.2, पलेरा 54.0, बक्स्वाहा 46.6, पाटन 46.1, िसंगौड़ी 42.6, अजयगढ़ 42.0, मंडला 41.0, हट्टा 37.4, रांझी 36.8, नागौद 36.0, कुसमी 35.0, करेली 34.0, उमरिया पान 32.6, गढ़ाकोटा 32.4, सिहोरा 32.0, मझौली 31.0, जबेरा 29.0, बटिया गढ़ 27.0, विदिशा 27.0, केसली 26.3, मझौली 25.4, उदयपुरा 24.3, जवा 23.0, जैसो 23.0, बलदेवगढ़ 23.0, रामपुर बाघेलान 22.4, नईगढ़ी 22.0, सिमरिया 21.5, रायपुरा 20.1, बड़वारा 20.0, गोटेगांव 20.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – कम दबाव का क्षेत्र , उत्तर -पश्चिम और पश्चिम -मध्य बंगाल की खाड़ी तथा संलग्न दक्षिण ओडिशा – उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के ऊपर बना हुआ है। इसके और अधिक स्पष्ट होने तथा अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी तटीय आंध्रा प्रदेश – दक्षिण ओडिशा से होते हुए पश्चिम -उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। ट्रफ ( द्रोणिका ) , उत्तर राजस्थान से लेकर, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर-पश्चिम और पश्चिम -मध्य बंगाल की खाड़ी तथा संलग्न दक्षिण ओडिशा – उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक बनी हुई है। मानसून ट्रफ मध्य समुद्र तल पर अब श्री गंगानगर, चूरू , शिवपुरी, दमोह, बिलासपुर से होते हु ए उत्तर -पश्चिम और पश्चिम -मध्य बंगाल की खाड़ी तथा संलग्न दक्षिण ओडिशा – उत्तरी आंध्रप्रदेश तटों के ऊपर बने कम दबाव के केंद्र से गुजर कर वहां से पूर्व- दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व -मध्य बंगाल की खाड़ी तक जाती है। पश्चिमी विक्षोभ , उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में अवस्थित है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, डिंडोरी , नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , मंडला, बालाघाट, सागर, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्ना जिलों में कहीं -कहीं भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। इन जिलों में झंझावात / वज्रपात और झोंकेदार हवाएं ( 30 -40 किमी / घंटा ) चलने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन , बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन , देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, श्योपुरकलां जिलों में कुछ स्थानों पर, विदिशा , रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली , सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना , दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्ना जिलों में अनेक स्थानों पर तथा अनुपपुर, शहडोल, उमरिया , डिंडोरी , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , मंडला, बालाघाट और मैहर जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। इन जिलों में झंझावात / वज्रपात और झोंकेदार हवाएं ( 30 -40 किमी / घंटा ) चलने की संभावना है।
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