छिंदवाड़ा जिले में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 7.8 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित
11 सितंबर 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा जिले में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 7.8 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित – उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा छिंदवाड़ा जिले में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना’ के अंतर्गत विभिन्न घटकों के लक्ष्य प्रदाय किए गए हैं। योजना के तहत जिले के इच्छुक कृषकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उप संचालक उद्यान छिंदवाड़ा श्री एम.एल. उइके ने बताया कि योजना के अंतर्गत मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा। किसानों को आईएनएम एवं आईपीएम तकनीक सहित मखाना उत्पादन के लिए विभिन्न घटकों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के घटक ‘तालाब में मखाना खेती नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ के अंतर्गत कुल 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति के लिए 1.000 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर लक्ष्य शामिल है। इस घटक में ₹71,600 प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है।
इसी प्रकार घटक ‘मखाना की खेती प्रक्षेत्र कल्टीवेशन नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ में भी कुल 3 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति के लिए 1.000 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति के लिए 0.250 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित है। इस घटक में ₹52,800 प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा।
इसके अलावा नवीन तालाब निर्माण के माध्यम से मखाना खेती के लिए कुल 0.800 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 0.600 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.200 हेक्टेयर का लक्ष्य है। इस घटक में ₹2,80,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत घटक ‘ एकीकृत खेती सहित डेमोंस्ट्रेशन’ में सामान्य वर्ग के लिए एक इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी इकाई लागत ₹2 लाख है और इसमें 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
उप संचालक उद्यान ने जिले के इच्छुक कृषकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। पात्र किसान अपने-अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा योजना के अंतर्गत पंजीयन कराकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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