राज्य कृषि समाचार (State News)

एक बार लगाएं, कई साल तक कमाएं! ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों के लिए खुल रही नई राह

13 जुलाई 2026, भोपाल: एक बार लगाएं, कई साल तक कमाएं! ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों के लिए खुल रही नई राह – मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना विकासखंड में प्रगतिशील किसान वीरेंद्र रघुवंशी (हल्के) ने परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाकर किसानों के लिए नई मिसाल पेश की है। ग्राम मंडी बमोरा निवासी किसान ने लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट का बगीचा तैयार किया है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में की जा रही यह पहल क्षेत्र के किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

कृषि विभाग के मार्गदर्शन में तैयार हो रहा बगीचा

ड्रैगन फ्रूट की खेती विकासखंड बीना के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अवधेश राय के तकनीकी परामर्श एवं निरंतर सहयोग से की जा रही है। खेत की तैयारी, पौधरोपण, ड्रिप सिंचाई, पोषण प्रबंधन तथा पौधों की देखभाल वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है, जिससे बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

उच्च मूल्य की फसल, कई वर्षों तक मिलता है उत्पादन

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रैगन फ्रूट एक उच्च मूल्य का फल है, जिसकी देश-विदेश के बाजारों में लगातार मांग बढ़ रही है। एक एकड़ क्षेत्र से औसतन 8 से 12 टन तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। बाजार भाव के अनुसार यह फसल परंपरागत फसलों की तुलना में अधिक लाभ देने की क्षमता रखती है। हालांकि इसकी प्रारंभिक लागत अपेक्षाकृत अधिक होती है, लेकिन एक बार बगीचा तैयार होने के बाद कई वर्षों तक लगातार उत्पादन मिलता है, जिससे किसानों को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होता है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी  अवधेश राय ने बताया कि विकासखंड बीना में किसानों को समय-समय पर नई एवं लाभकारी फसलों, औषधीय पौधों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक सलाह उपलब्ध करा रहा है, ताकि वे खेती में नवाचार अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

दूसरे किसानों के लिए बनी प्रेरणा

किसान वीरेंद्र रघुवंशी की यह पहल दर्शाती है कि वैज्ञानिक सोच, आधुनिक तकनीक और कृषि विभाग के मार्गदर्शन के साथ खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। उनकी यह पहल विकासखंड बीना के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो रही है।

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