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फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में खरीफ फसलों में कीटों का कहर: कृषि विभाग ने बताए प्रभावी समाधान

03 अगस्त 2024, जयपुर: राजस्थान में खरीफ फसलों में कीटों का कहर: कृषि विभाग ने बताए प्रभावी समाधान – मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा द्वारा प्रस्तुत बजट में किसानों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी को दोगुना करना है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री शंकर लाल गीणा ने बताया कि खरीफ की फसलों में विभिन्न स्थानों पर कीटों के प्रकोप की जानकारी मिली है। मानसून के दौरान कीटों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं। कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने कीट नियंत्रण के लिए विभिन्न कीटनाशकों का उपयोग करने की सलाह दी है।

कातरा के नियंत्रण के उपाय

कृषि अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने खरीफ की फसलों में कातरा के नियंत्रण के बारे में सुझाव दिए हैं। बाजरा, ज्वार, मूंग व मूंगफली में कातरा के नियंत्रण के लिए फसल व फसल के पास उगे जंगली पौधों पर क्यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण 25 किलो प्रति हैक्टेयर की दर से भुरकाव करें एवं खेत में लट को आने से रोकने के लिए खेत के चारों ओर खाई खोदकर खाई में क्यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण भुरक देवें ताकि खाई में आने वाली लटे नष्ट हो जायें। जहां पानी की उपलब्धता हो वहां क्यूनालफॉस 25 ईसी 625 मिली या क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी एक लीटर प्रति हैक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।

मूंगफली और अन्य फसलों के लिए सुझाव

कृषि अधिकारी डॉ. पुष्पा कंवर ने मूंगफली में प्रभावी कीट नियन्त्रण की बात कही। मूंगफली में सफेद लट के नियंत्रण के लिए 300 मिली इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल प्रति हैक्टेयर की दर से सिंचाई के पानी के साथ देवें अथवा कीटनाशी रसायन को सूखी बजरी या खेत की साफ मिट्टी (80-100 किलो प्रति हैक्टेयर) में अच्छी तरह मिलाकर पौधों की जड़ों के आस-पास डाल दें एवं फिर हल्की सिंचाई करें ताकि कीटनाशी पौधों की जड़ों तक पहुंच जाए। मूंगफली में कॉलर रॉट के नियंत्रण के लिए आगामी सीजन में बुवाई पूर्व फफूंदनाशी से बीजोपचार करे एवं बुवाई से पूर्व 2.5 किलो ट्राइकोडर्मा 500 किलो गोबर में मिलाकर एक हैक्टेयर क्षेत्र में मृदा उपचार करें। टिक्का रोग की शुरुआती अवस्था में ही कार्बेन्डाजिम आधा ग्राम प्रति लीटर पानी या मैन्कोजेब डेढ किलो प्रति हैक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें एवं 10-15 दिन बाद छिड़काव पुनः दोहराएं।

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अन्य कीट नियंत्रण उपाय

कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. दिनेश स्वामी ने मक्का में फाल आर्मी वर्ग कीट के नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेन्जोएट 5 प्रतिशत एसजी 6 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर पोटों में डाले। गोभी में डायमण्ड बैक मोथ के नियत्रण के लिए इमामेक्टिन बेन्जोएट 5 प्रतिशत एसजी 200 ग्राम प्रति 500 लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर छिडकाव करें। कपास में रस चूसक कीट जैसे जैसिड व सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए एक लीटर क्यूनालफॉस 25 ईसी या डायमिथेएट 30 ईसी प्रति हैक्टेयर के हिसाब से घोल बनाकर छिड़काव करें।

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