राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में किसानों के लिए कारगार सिद्ध हो रही है चैटबॉट प्रणाली

18 नवंबर 2025, जयपुर: राजस्थान में किसानों के लिए कारगार सिद्ध हो रही है चैटबॉट प्रणाली – राजस्थान में किसानों के लिए चैटबॉट प्रणाली कारगार सिद्ध हो रही है। दरअसल जो किसान पशु पालक भी उन्हें अपने बीमार पशुओं को संबंधित स्थानों पर ले जाना पड़ता था लेकिन जब से पशुपालन विभाग राजस्थान द्वारा बीमार पशुओं के उपचार हेतु चैटबॉट प्रणाली की शुरुआत की गई है  इस अनूठी पहल से अब पशुपालक अपने पशुओं की बीमारी, लक्षण और संबंधित समस्याओं की जानकारी सीधे विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुँचा रहे हैं और उन्हें त्वरित चिकित्सा परामर्श प्राप्त हो रहा है।

Advertisement1
Advertisement

 पशुपालन विभाग के मुताबिक पिछले छः महीने के दौरान प्रदेश में 82,713 पशुपालक इस माध्यम से जुड़ कर सलाह ले चुके हैं और 65490 पशुओं को चिकित्सा सहायता दी जा चुकी है। राजस्थान के पशुपालन मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पशुपालन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चैटबॉट जैसी तकनीकी पहलें पशुपालकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर पशुपालक को घर बैठे चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो। पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में चैटबॉट प्रणाली को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने की योजना है, जिससे पशुओं की बीमारियों का त्वरित विश्लेषण और निदान और भी सटीक हो सकेगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी राजस्थान के 1962 चैटबॉट मॉडल की सराहना करते हुए इस मॉडल को अपने प्रदेश में अपनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कृषि, पशुपालन, डेयरी डेवलपमेंट एवं मत्स्य विभाग के उप सचिव एम.बी. माराले ने महाराष्ट्र में संचालित 1962 महापशुधन संजीवनी एप के माध्यम से राजस्थान की तर्ज पर वाट्सएप चैटबॉट की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

Advertisements
Advertisement3
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement5
Advertisement