राज्य कृषि समाचार (State News)

10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हुआ भुगतान, किसानों को मिली राहत

गेहूँ खरीदी के भुगतान से बाजार में बढ़ेगी रौनक

लेखक: सचिन बोन्द्रिया

09 मई 2026, इंदौर10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हुआ भुगतान, किसानों को मिली राहत – प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के तहत किसानों को अब तक 10 हजार 403.17 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। बड़ी राशि किसानों के खातों में पहुँचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में राहत का माहौल बनने लगा है और आने वाले दिनों में बाजारों में भी रौनक बढ़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 9.38 लाख किसानों से 56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान लगभग 3 दिन से 15 दिन के भीतर सीधे केवाईसी लिंक बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे किसानों को नकदी की उपलब्धता बढ़ी है और खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिलने लगी है।

ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों का मानना है कि किसानों के खातों में बड़ी राशि आने से कृषि आदान, उपभोक्ता वस्तुओं, वाहन, निर्माण सामग्री और घरेलू बाजारों में खरीदारी बढ़ सकती है। विशेष रूप से छोटे कस्बों और ग्रामीण बाजारों में इसका असर जल्द दिखाई देने की संभावना है।

हालांकि कई जिलों में स्लॉट बुकिंग और सर्वर संबंधी समस्याएँ अब भी बनी हुई हैं, लेकिन भुगतान प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज होने से किसानों को कुछ राहत अवश्य मिली है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान होने से आर्थिक दबाव कम हुआ है और खेती के आगामी कार्यों की योजना बनाना आसान हुआ है।

उधर, जिन जिलों में कलेक्टरों द्वारा लगातार निरीक्षण और मॉनीटरिंग की जा रही है, वहाँ व्यवस्थाओं में सुधार भी देखने को मिला है। कई उपार्जन केन्द्रों पर तौल प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हुई है। वहीं कुछ स्थानों पर सर्वेयरों द्वारा गुणवत्ता मानकों की आड़ में किसानों को परेशान किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

इसी बीच प्रदेश में चने का उपार्जन भी शुरू हो चुका है, लेकिन चना बेच चुके अनेक किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है। किसानों का कहना है कि गेहूँ की तुलना में चने के भुगतान में देरी हो रही है, जिससे आर्थिक दबाव बना हुआ है। किसानों ने चना उपार्जन के भुगतान में तेजी लाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष लगभग 1 करोड़ टन गेहूँ का उपार्जन करने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही मार्कफेड के माध्यम से चना और मसूर फसलों का भुगतान भी किसानों के खातों में पहुँचने लगेगा। इससे प्रदेश के बाजार में आने वाले कुछ ही दिनों में लगभग 25 हजार करोड़ से 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में व्यापक रौनक देखने को मिल सकती है।

सरकार द्वारा गेहूँ की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसमें समर्थन मूल्य के साथ बोनस राशि भी शामिल है। उपार्जन कार्य 23 मई तक जारी रहेगा।

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