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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में फिर आबाद होंगे चारागाह, गायों के समूह आएंगे नजर

20 अगस्त 2025, भोपाल: राजस्थान में फिर आबाद होंगे चारागाह, गायों के समूह आएंगे नजर – राजस्थान के गांवों में एक बार फिर चारागाह आबाद होंगे और गायों के समूह चारा खाकर पेट भरते नजर आएंगे। राजस्थान के गांवों में गायों को समूह के साथ चारागाहों में चराने की दशकों पुरानी परंपरा फिर से लौटेगी। स्वच्छता एवं गायों के संरक्षण की दिशा में पंचायती राज विभाग की ओर से प्रदेश में गांव-ग्वाल योजना शुरू की जाएगी।

हर गांव में ग्वाल तैयार किए जाएंगे

योजना के तहत सरकार की ओर से हर गांव में ग्वाल तैयार किए जाएंगे। ये ग्वाल बेसहारा व पशुपालकों की गायों को एक साथ चारागाह में चराने के लिए ले जाएंगे। इस परंपरा के पुनः शुरू होने से गांवों में पशुपालकों की ओर से गायों को खुले में छोड़ देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।

पंचायती राज विभाग ने नवाचार के रूप में गांव-ग्वाल योजना का खाका तैयार किया है। योजना के तहत गांवों में गांव-ग्वाल नियुक्त किए जाएंगे। इन ग्वालों को ग्राम पंचायतों की ओर से पारिश्रमिक भुगतान किया जाएगा। पशुपालक अपनी इच्छा से इस योजना में अपनी गायें चराने के लिए पंजीकरण करवा सकेंगे। सरकार की योजना है कि बेसहारा गायों को रात के समय रखने के लिए प्रत्येक गांव में नए काऊ हाउस शुरू किए जाएंगे। गायों के लिए चारागाह संरक्षण के लिए विभाग की ओर से चारागाह ग्राम समितियों को सक्रिय करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।  बताया जा रहा है कि गांव- ग्वाल योजना की शुरुआत कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र से की जा सकती है। यह क्षेत्र मंत्री मदन दिलावर का गृह क्षेत्र है। विभाग ने इससे पहले बर्तन बैंक योजना के नवाचार का शुभारंभ भी इसी क्षेत्र के खैराबाद ग्राम पंचायत से किया था।

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