धान की खरीदी 16 नवम्बर से

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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खरीफ उपार्जन की समीक्षा की

07 नवम्बर 2020, भोपाल। धान की खरीदी 16 नवम्बर से – मध्य प्रदेश के ग्वालियर एवं चंबल संभागों में धान एवं मोटे अनाज (ज्वार, बाजार) की खरीदी प्रारंभ हो गई है, जो क्रमश: 5 जनवरी 2021 एवं 21 नवंबर 2020 तक चलेगी। शेष संभागों में धान की खरीदी 16 नवम्बर से 16 जनवरी तक तथा मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की खरीदी 16 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मिलों को जिस गुणवत्ता का धान मिलिंग के लिए दिया जाता है, उसी गुणवत्ता का चावल उनसे प्राप्त किया जाए। गुणवत्ता नियंत्रण पर सर्वाधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि मिलिंग कंट्रोल आर्डर में भी आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे मिल निर्धारित मात्रा में सरकारी धान की मिलिंग करने से इंकार न कर सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में खरीफ वर्ष 2020-21 के उपार्जन कार्य, धान मिलिंग नीति आदि की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.के. सिंह, प्रमुख सचिव श्री फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव श्री अजीत केसरी, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री पी. नरहरि उपस्थित थे।

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40 लाख मेट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य

धान की खरीदी के लिए इस वर्ष 40 लाख मेट्रिक टन का संभावित लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष यह 25 लाख 80 हजार मेट्रिक टन था। इस बार धान का बोया गया रकबा 34.25 लाख हेक्टेयर है तथा पंजीकृत किसानों की संख्या 7 लाख 24 हजार है।

1702 खरीदी केन्द्र

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए इस वर्ष 1702 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। गत वर्ष इनकी संख्या 1129 थी। मोटे अनाज की खरीदी के लिए प्रदेश में 134 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।

3 दिन में भुगतान हो

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य खरीदी में समय पर किसानों का अनाज खरीदा जाए, 3 दिन में भुगतान हो जाएं तथा पर्याप्त बारदाने हों।

धान का समर्थन मूल्य 1868

खरीफ 2020-21 उपार्जन वर्ष में धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये, ज्वार का 2620 रुपए तथा बाजरे का 2150 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

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