छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों को मिलेगा 3100 रुपये प्रति क्विंटल
29 अक्टूबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों को मिलेगा 3100 रुपये प्रति क्विंटल – छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तारीख और व्यवस्थाओं की घोषणा की है। प्रदेश में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी का अभियान शुरू होगा। सरकार के अनुसार, इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी।
धान खरीदी प्रक्रिया को सुविधाजनक, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें एग्रीस्टैक आईडी, बायोमेट्रिक सत्यापन और मोबाइल ऐप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक परेशानी से बचाना और वास्तविक किसानों से धान की खरीदी सुनिश्चित करना है।
एग्रीस्टैक आईडी वाले किसानों को राहत
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष पंजीकृत उन किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया है, जिनके पास एग्रीस्टैक आईडी उपलब्ध है। ऐसे किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे किसानों को पंजीयन संबंधी औपचारिकताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एग्रीस्टैक में पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए संबंधित समिति में अलग से ऋण पुस्तिका प्रस्तुत करने की भी जरूरत नहीं होगी। इससे खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल सर्वे से तय होगा धान का रकबा
इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किया गया है। खरीदी केंद्रों पर वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू रहेगी। डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल से पात्र किसानों की पहचान और निर्धारित रकबे के अनुसार धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय पूल के लिए 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के खाद्य विभाग ने छत्तीसगढ़ से केंद्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था इसी व्यापक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
सरकार की इस व्यवस्था से लाखों किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। वहीं, पंजीयन में राहत, डिजिटल रकबा निर्धारण और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं से खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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