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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में अगेती हरा चना की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता

29 अक्टूबर 2026, पटना: बिहार में अगेती हरा चना की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता – बिहार सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और बाजार की मांग के अनुरूप हरा चना उपलब्ध कराने के लिए रबी मौसम में अगेती किस्म की खेती को प्रोत्साहित करेगी। कृषि विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश के 10 चयनित जिलों में 6,250 एकड़ क्षेत्र में अगेती हरा चना की खेती का प्रत्यक्षण कराया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 2.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। पात्र किसानों को खेती अपनाने के लिए 4,000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि योजना का उद्देश्य किसानों को अगेती किस्म की खेती के लिए प्रोत्साहित करना, उत्पादन बढ़ाना और बाजार की मांग के अनुसार कृषि उपज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से किसानों को फसल चयन के नए विकल्प मिलेंगे और उनकी आय बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

10 जिलों में होगा खेती का प्रत्यक्षण

कृषि विभाग के अनुसार, योजना को पटना, नालंदा, भोजपुर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, भागलपुर, जमुई, लखीसराय और समस्तीपुर जिलों में लागू किया जाएगा। इन जिलों में निर्धारित क्षेत्रफल पर अगेती हरा चना की खेती कराई जाएगी, ताकि किसानों को इस किस्म की खेती की तकनीक और उसके लाभों से परिचित कराया जा सके।

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योजना के अंतर्गत किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने इनके वितरण की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। समय पर बीज उपलब्ध होने से किसानों को रबी मौसम में खेती की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

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बीज वितरण के लिए तय की गई व्यवस्था

योजना के क्रियान्वयन के लिए विभागीय मॉडल और लागत समिति की अनुशंसा के अनुसार व्यवस्था की गई है। किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले बीज और अन्य कृषि सामग्री की देय राशि सीधे बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड, पटना को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के तहत कृषि सामग्री की आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर जोर

अगेती हरा चना की खेती को प्रोत्साहित करने के पीछे बाजार की मांग के अनुरूप उपज उपलब्ध कराने की रणनीति भी शामिल है। निर्धारित क्षेत्रों में खेती का प्रत्यक्षण होने से किसानों को इस फसल के उत्पादन संबंधी अनुभव प्राप्त होंगे। आर्थिक सहायता और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने से किसानों को नई कृषि पद्धति अपनाने में मदद मिल सकती है। बिहार सरकार की इस पहल से चयनित जिलों के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसानों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचे, खेती संबंधी मार्गदर्शन मिले और उत्पाद के विपणन के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों।

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