इंदौर में जैविक खेती प्रशिक्षण संपन्न

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21 फरवरी 2022, इंदौर । इंदौर में जैविक खेती प्रशिक्षण संपन्न – गत दिनों भारत सरकार के क्षेत्रीय जैविक केंद्र, जबलपुर द्वारा ओएफएआई के सहयोग से रंगवासा जैविक ग्राम संस्था , इंदौर में जैविक खेती और पीजीएस इण्डिया पर आधारित खेत किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जैविक खेती केंद्र ,जबलपुर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अजय सिंह राजपूत ,संयुक्त संचालक कृषि (इंदौर ) श्री आलोक कुमार मीणा ,उपसंचालक कृषि (आत्मा ) श्रीमती शर्ली थॉमस ,राविसिकृविवि के पूर्व निदेशक (विस्तार ) डॉ एसएन उपाध्याय ,पूर्व परियोजना संचालक (आत्मा )अमरावती डॉ मंगेश देशमुख ,ओएफएआई के श्री राजेंद्र सिंह राठौर,कृषि विज्ञान केंद्र देवास के विषय विशेषज्ञ डॉ महेंद्र सिंह ,दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के श्री जुझारसिंह नागर,शाखा प्रबंधक नाफेड डॉ मनोज कुमार रावत ,रंगवासा जैविक ग्राम संस्था इंदौर के संस्थापक श्री अरुण डिके, श्री अश्विनी सिंह (उज्जैन ) , श्री नरेंद्र चौधरी कनिष्ठ वैज्ञानिक जबलपुर ,अधिकारी द्वय श्री ललित कुमार नाईक ,श्री राजेश कुमार जैन शामिल हैं।

डॉ. अजय सिंह राजपूत ने देश के साथ मप्र और छत्तीसगढ़ में जैविक खेती की स्थिति और इसे बढ़ावा देने हेतु भारत  सरकार की नवीन योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं जैविक प्रमाणीकरण की योजना की भी जानकारी दी। वहीं श्री आलोक कुमार मीणा ने कहा कि यदि हमें मृदा,जलवायु,स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करनी है तो जविक खेती को अपनाना होगा। श्री शर्ली थॉमस ने आत्मा के क्रियाकलापों के अलावा पीजीएस इण्डिया के ज़रिए समूह तैयार करने और जैविक उत्पादों के बाज़ार विकास पर ज़ोर दिया। श्री अश्विनी सिंह ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी।

डॉ. एसएस उपाध्याय ने जैविक खेती में गायों का महत्व  के अलावा कीटों एवं रोगों के नियंत्रण पर विचार व्यक्त किए। डॉ मंगेश देशमुख ने जैविक उत्पादों की बिक्री हेतु उठाए जाने वाले क़दमों और विक्रय श्रृंखला बनाने पर अपनी बात रखी। डॉ मनोज रावत ने जैविक फसलोत्पादन में नाफेड की भूमिका पर रोशनी डाली। डॉ महेंद्र सिंह ने जैविक खेती बढ़ावा देने में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका को सरल तरीके से समझाया। सभी वक्ताओं ने डॉ राजपूत के प्रयासों की प्रशंसा की और ऐसे आयोजन फिर होने की इच्छा व्यक्त की। पीजीएस इण्डिया द्वारा किसानों को निशुल्क प्रमाणीकरण देने वाली योजना को अहम बताया। इसके पूर्व आरम्भ में सभी कृषि अधिकारियों, शोधकर्ताओं और अन्नदाताओं का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुप्रिया रत्नपारखे ने किया। कार्यक्रम का सारांश श्री राजेंद्र सिंह राठौर ने प्रस्तुत किया।  धन्यवाद श्री नरेंद्र राजेंद्र चौधरी ने किया।

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