जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
22 जून 2026, रायपुर: जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय – किसानों की समृद्धि को विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री शनिवार को जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील की।
प्राकृतिक खेती से सुरक्षित रहेगी मिट्टी और स्वास्थ्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है और मानव स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले किसान गोबर खाद, ढैंचा और अन्य हरी खादों का उपयोग करते थे, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती थी और खेती अधिक टिकाऊ होती थी।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि परंपरागत कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाए। उन्होंने किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत कम होगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी लंबे समय तक बनी रहेगी।
नैनो उर्वरक किसानों के लिए साबित हो रहे उपयोगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
किसानों को मिली आधुनिक तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन और उन्नत कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से कृषि नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन रहा। किसानों ने आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इसके लाभों के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही जैविक खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
उत्कृष्ट किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आयोजित किसान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान मिला। वहीं ग्राम लाखाझार के किसान सुखराम को 33 किलोग्राम वजन का कटहल उत्पादन करने और ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन का आम उत्पादन करने के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।
औषधीय फसलों के लिए मिलेगा बेहतर बाजार
किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन जशपुर और सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए अनुबंध किया गया। इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और मूल्य संवर्धन के नए अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया और शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बगिया सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना भी शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के करीब 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी और किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
जशपुर को मिलेगा धन-धान्य कृषि योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—जशपुर, दंतेवाड़ा और कोरबा—शामिल किए गए हैं। इससे इन जिलों में कृषि विकास को नई गति मिलेगी और किसानों को कई नई सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं, जिनके समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।
प्राकृतिक खेती भविष्य की जरूरत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक तकनीक नहीं, बल्कि धरती, किसान और उपभोक्ता तीनों के स्वास्थ्य की रक्षा का अभियान है। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह एक प्रभावी समाधान है। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
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