अब किसान बेचेंगे जैविक ब्रांड : श्री यादव

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बोरावां में जैविक खेती पर हुआ सेमिनार

जैविक खेती में प्रदेश में खरगोन जिला है अव्वल

खरगोन। प्रदेश के किसान कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सचिन यादव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग को देखते हुए खेती को लंबे समय तक उपजाऊ रखने और लागत को कम करने हेतु किसानों को जैविक खेती को अपनाना होगा। मप्र में राज्य सरकार जैविक खेती को बढावां दे रही है। उन्होने ग्राम बोरावां में जैविक खेती पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि जल्द ही किसान अपनी जैविक कृषि उपज का जैविक ब्रांड बाजार में बेचेंगे। किसानों द्वारा उपजाने वाले इलाके की पहचान जैविक ब्रांड से होगी। इसके लिये राज्य सरकार किसानों को निरंतर प्रेरित कर रही है।

 

जैविक खेती में प्रदेश में अव्वल खरगोन

किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक रेवासिंह सिसोदिया ने बताया कि मप्र में लगभग एक लाख 48 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में जैविक खेती होती है। प्रदेश में जैविक खेती में खरगोन जिला अव्वल है। किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के खरगोन जिले के उप संचालक एमएल चौहान ने बताया कि खरगोन जिले में लगभग 30 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि में जैविक खेती होती है। लगभग 10 हजार से भी अधिक किसान जैविक खेती से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

स्वायत्त आर्गेनिक बोर्ड का हो गठन

रीजनल आर्गेनिक फार्मिग जबलपुर के संचालक गगनेश शर्मा ने किसानों से चर्चा करते हुए बताया कि सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने के पहले चरण में 800 दूसरे चरण में 500 और तीसरे चरण में 2448 कलस्टर के माध्यम से विभिन्न आदान प्रदान करते हुए किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जैविक खेती की विभिन्न स्तरों पर प्रमाणीकरण की एक से तीन वर्ष तक की प्रक्रिया है। उन्होने सुझाव दिया कि मप्र में स्वायत्त आर्गेनिक बोर्ड का गठन किया जाना चाहिये।

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