खेती की लागत घटाने की नई तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर हरियाणा का जोर
08 सितंबर 2026, चंडीगढ़: खेती की लागत घटाने की नई तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर हरियाणा का जोर – किसानों की खेती की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार अब क्षेत्र की जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप खेती को बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष फसली कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसमें मौसम और स्थानीय कृषि परिस्थितियों के आधार पर किसानों को फसल चयन के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि कम पानी और कम खाद में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सके।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने चंडीगढ़ में ‘मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पलसीज’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य फसल विविधीकरण के साथ ऐसी खेती को बढ़ावा देना है, जिसमें लागत कम हो और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
बैठक में धान और दलहन की ऐसी उन्नत किस्मों की पहचान पर भी जोर दिया गया, जिनकी घरेलू के साथ विदेशी बाजारों में मांग हो। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि निर्यात बढ़ाने की संभावना तलाशी जाएगी। आगामी फसल सीजन के लिए प्रमाणित एवं उन्नत बीजों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
गौशालाओं से किसानों तक पहुंचेगा जीवामृत
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार गौशालाओं में उपलब्ध गोबर और गोमूत्र से जीवामृत तैयार करने की संभावना भी तलाश रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गौशालाओं में तैयार जीवामृत किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है।
इसके लिए अधिकारियों को समर्पित पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल मुफ्त जीवामृत वितरण की व्यवस्था लागू नहीं हुई है। सरकार अभी इसकी व्यवहारिकता और संभावनाओं का अध्ययन कर रही है। योजना सफल रहने पर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के साथ किसानों के लिए प्राकृतिक खेती को कम लागत वाला विकल्प बनाने में मदद मिल सकती है।
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