नमो हरित-नगर योजना: शहर होंगे हरे-भरे, प्रदूषण मुक्त और आधुनिक नगर वनों से समृद्ध
16 जुलाई 2026, भोपाल: नमो हरित-नगर योजना: शहर होंगे हरे-भरे, प्रदूषण मुक्त और आधुनिक नगर वनों से समृद्ध – प्रदेश के शहरों को हरित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘नमो हरित-नगर योजना’ लागू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक नगर वन (Urban Forests) विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
योजना की विशेषता यह होगी कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग की जाएगी तथा क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इससे पौधों के संरक्षण, विकास और रखरखाव की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित होगी।
राज्य सरकार इस योजना को 50:50 जनभागीदारी मॉडल पर संचालित करेगी। इसमें नागरिकों, सामाजिक संगठनों और उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से भी वित्तीय संसाधन जुटाकर व्यापक स्तर पर पौधारोपण और हरित विकास कार्य किए जाएंगे।
योजना के अंतर्गत विभिन्न शहरों में थीम आधारित पार्क भी विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में औषधीय पौधों, फलदार वृक्षों, जैव विविधता, पर्यावरण शिक्षा, बच्चों के मनोरंजन तथा स्थानीय संस्कृति पर आधारित विशेष उद्यान विकसित किए जाएंगे, जिससे ये केवल हरित क्षेत्र ही नहीं बल्कि पर्यावरण जागरूकता और पर्यटन के आकर्षण का भी केंद्र बन सकें।
राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाना, वायु प्रदूषण कम करना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना तथा नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय से नमो हरित-नगर योजना प्रदेश के शहरों को सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास की नई दिशा प्रदान करेगी।
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