MP Weather Update: भोपाल-ग्वालियर सहित 40 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, 6 जिलों में तेज हवाओं का रेड अलर्ट जैसा
13 जून 2026, भोपाल: MP Weather Update: भोपाल-ग्वालियर सहित 40 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, 6 जिलों में तेज हवाओं का रेड अलर्ट जैसा – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान चंबल और जबलपुर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में वर्षा हुई। वहीं इंदौर और रीवा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिला। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।
बारिश और बादलों के प्रभाव से कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रीवा संभाग में अधिकतम तापमान में 6.9 डिग्री सेल्सियस तक की विशेष गिरावट रही, जबकि ग्वालियर और सागर संभाग में भी तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दमोह में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया।
बारिश के आंकड़े
पिछले 24 घंटों में बजाग में 43 मिमी, लटेरी में 42 मिमी, नौरोजाबाद में 37.6 मिमी, पाली में 35.2 मिमी, अंबाह में 35 मिमी तथा मुंगावली में 32 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सागर, ग्वालियर, नरसिंहपुर, डिंडोरी, जबलपुर, रायसेन, विदिशा और अन्य कई जिलों में भी बारिश हुई। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं। जबलपुर में 74 किमी प्रति घंटा, सीहोर में 72 किमी प्रति घंटा, अशोकनगर में 59 किमी प्रति घंटा, ग्वालियर में 57 किमी प्रति घंटा तथा भोपाल में 56 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं।
मौसम की वर्तमान स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून के कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के कुछ भागों तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर प्रभावी बना हुआ है। वहीं केंद्रीय पाकिस्तान और उससे सटे पश्चिमी राजस्थान पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक मौसमी द्रोणिका राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है।
इन जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी
IMD ने सीहोर, ग्वालियर, भिंड, जबलपुर, दमोह और सागर जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा के दौरान सिंचाई, उर्वरक प्रयोग और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे। तेज हवाओं से बचाव के लिए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें।
किसानों को कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पॉलीहाउस, नेट हाउस और अन्य संरक्षित खेती की संरचनाओं को भी तेज हवाओं से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब रहने की स्थिति में कटाई, मड़ाई और सुखाने संबंधी कार्य स्थगित करने को कहा गया है।
पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित और हवादार स्थानों पर रखने, पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले में चराई से बचाने की सलाह दी गई है। वहीं बिजली चमकने के दौरान किसानों से खुले खेतों में कार्य न करने और सुरक्षित स्थान पर रहने का आग्रह किया गया है।
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