कृषि विभाग और ब्रह्माकुमारी संस्थान के बीच ग्लोबल.समिट में हुआ एमओयू
27 अक्टूबर 2026, जयपुर: कृषि विभाग और ब्रह्माकुमारी संस्थान के बीच ग्लोबल समिट में हुआ एमओयू – मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप कृषि विभाग ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती, टिकाऊ कृषि पद्धतियों, पर्यावरण संरक्षण एवं किसानों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन परिसर में ग्लोबल समिट में राजस्थान सरकार के कृषि विभाग एवं ब्रह्माकुमारी संस्थान की राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
राजस्थान सरकार की ओर से कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग की अध्यक्ष बीके सरला के प्रतिनिधित्व में यह समझौता संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वी.एस. जैतावत, एस.डी. कृषि विश्वविद्यालय, दांतीवाड़ा के कुलपति डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल, कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग की अध्यक्षा बीके सरला दीदी, उपाध्यक्ष बीके राजूभाई एवं बीके संतोष दीदी ब्रह्माकुमारीज की जॉइंट हेड, बीके सुषमा दीदी, मैनेजमेंट कमेटी सदस्य, बीके सुमंथ तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग, माउंट आबू के मुख्यालय समन्वयक सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य राजस्थान में प्राकृतिक एवं योगिक खेती को प्रोत्साहित करना, किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना, कृषि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता का विकास करना तथा कृषि क्षेत्र में सकारात्मक सोच, मानसिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों के लिए प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, प्रदर्शन एवं जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इस समझौते की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, कृषि पर्यवेक्षकों एवं फील्ड स्तर के कार्मिकों को भी मिलेगा। कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने इस पहल को राज्य में कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल एवं किसान हितैषी बताया ।
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