मध्य प्रदेश में मानसून का असर बढ़ा, भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश; राजगढ़-अशोकनगर में 60 KMPH तक तेज हवाओं का अलर्ट
18 जून 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून का असर बढ़ा, भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश; राजगढ़-अशोकनगर में 60 KMPH तक तेज हवाओं का अलर्ट – भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि इंदौर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कुछ हिस्सों में भी वर्षा हुई। कई क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। देवास जिले के हाटपिपल्या में सर्वाधिक 37 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सुल्तानपुर में 31.4 मिमी, सोनकच्छ में 29 मिमी, तराना में 28 मिमी और प्रभातपट्टन में 27.4 मिमी बारिश हुई। भोपाल में 13.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
बारिश के साथ कई जिलों में तेज हवाएं भी चलीं। अशोकनगर में 56 किमी प्रति घंटा, सागर में 54 किमी प्रति घंटा तथा राजगढ़ और आगर में 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। भोपाल, इंदौर, बैतूल, सीहोर, शिवपुरी और जबलपुर सहित कई जिलों में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिला।
तापमान में गिरावट, खजुराहो सबसे गर्म
बारिश और बादलों के प्रभाव से नर्मदापुरम और चंबल संभाग के कई जिलों में अधिकतम तापमान में 2.6 से 3.9 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस खजुराहो (छतरपुर) में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज हुआ।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, रांची और मुजफ्फरपुर होते हुए नेपाल की ओर बढ़ रही है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मध्य-पूर्व अरब सागर तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है, जिसके कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है और बारिश की गतिविधियों को बल मिल रहा है।
इन जिलों के लिए चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने राजगढ़ और अशोकनगर जिलों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां और अनुपपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश और आंधी की स्थिति में सिंचाई, उर्वरक प्रयोग तथा कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा प्रदान करें।
कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उन्हें तिरपाल से ढंककर रखें। यदि आंधी या बारिश की संभावना हो तो कटाई, मड़ाई और सुखाने संबंधी कार्य स्थगित कर दें। पशुओं को सुरक्षित और हवादार स्थानों पर रखें तथा बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में कार्य करने से बचें। मौसम साफ होने के बाद फसलों का निरीक्षण कर आवश्यक पौध संरक्षण उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है।
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