राज्य कृषि समाचार (State News)

हाथ से दूध दुहने का तरीका सुरक्षित नहीं

06 फरवरी 2026, भोपाल: हाथ से दूध दुहने का तरीका सुरक्षित नहीं – यूं भले ही किसान या मवेशी पालक हाथ से दूध दुहने काम करते हो लेकिन विशेषज्ञों का यह कहना है कि हाथ से दूध दुहने का तरीका सुरक्षित नहीं है. विशेषज्ञों का यह कहना है कि हाथ से दूध निकालने पर दूध के दूषित होने की आशंका ज्यादा रहती है. जबकि मशीन से दूध निकालने पर दूषित होने के चांस कम हो जाते हैं.

एडवाइजरी जारी

इसी को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय सोशल मीडिया पर एडवाइजरी जारी करता रहता है. एडवाइजरी के मुताबिक हाथ से दूध निकालने के दौरान बहुत ज्यादा सावधानियां बरतने की जरूरत होती है. क्योंकि हाथ से दूध निकालने के दौरान बरती गई छोटी सी लापरवाही भी पशु के साथ ही दूध पीने वाले को भी बीमार कर सकती है.

इन बातों पर विशेष रूप से दिया जाए ध्यान

हर रोज पशु के खुरों की अच्छी तरह से सफाई करनी चाहिए. पशु के शरीर से धूल, मिट्टी, गोबर और टूटे हुए बालों को झाड़ दें. शरीर की धूल, मिट्टी, गोबर और टूटे हुए बाल दूध को संक्रमित कर सकते हैं. दूध निकालने से पहले और बाद में थनों को कीटाणु रोधी दवाई के घोल से धोएं.  दूध निकालते वक्त अपने हाथों को सूखा रखें. गीले हों तो कपड़े से साफ कर लें.  पशु का दूध अंगूठा बाहर करके बंद मुट्ठी से ही निकालें.  पशु की ल्योटी के पास बढ़े हुए बालों को काट देना चाहिए. दूध निकालने से पहले ल्योटी-थनों को साफ कपड़े से पोछना चाहिए. छह-सात मिनट में पशु का सारा दूध निकाल लें. दूध के बर्तन को साफ और गर्म पानी से धोयें. पशुओं को धूल-मिट्टी लगा चारा न दें. दूध के लिए छोटे मुंह के बर्तन का ही इस्तेमाल करें.  दूध निकालते वक्त किसी भी तरह से पशु को छेड़ें और डराएं नहीं. कभी भी गीले थन से दूध ना निकालें.
बीमार और हेल्दी पशु का दूध एक साथ ना मिलाएं.  दूध निकालते वक्त थनों को नीचे की ओर न खींचें. निकाले गए दूध को लम्बे वक्त तक खुला न रखें.

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