Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में दुग्ध उत्पादक संघ किसानों तक तकनीक पहुंचाएं : श्री कुणाल

भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक दुग्ध उत्पादन एवं नस्ल सुधार के लिए

31 दिसम्बर 2022, जयपुर । राजस्थान में दुग्ध उत्पादक संघ किसानों तक तकनीक पहुंचाएं : श्री कुणाल – राज्य की दुग्ध उत्पादक देशी नस्लों के संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक को एक बेहतरीन तकनीक बताते हुए पशुपालन व गोपालन विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने कहा कि राज्य की देशी दुग्ध उत्पादक पशु नस्लों के पशु उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दुग्ध उत्पादक संघों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा की इस तकनीक के माध्यम से न केवल मादा गोवंश की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि सडक़ पर घूमते आवारा पशुओं की संख्या में भी कमी आएगी।

श्री कुणाल पशुधन भवन में  एनडीडीबी, डेयरी सर्विसेज, नई दिल्ली के विषय विशेषज्ञों दवार पीपीटी प्रस्तुतीकरण हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर श्री कुणाल ने कहा मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत राज्य के पशुपालकों एवं पशुधन के संरक्षण को लेकर संकल्पित है। इस मौके पर उन्होंने राज्य में सीमन स्टेशन खोले जाने का प्रस्ताव एनडीडीबी के समक्ष रखा। उन्होंने कहा राजस्थान बेहतरीन दुग्ध उत्पादक गोवंश की नस्लों से संवर्धित राज्य है ऐसे में गुजरात के साबरमती आश्रम गौशाला सीमन स्टेशन की तर्ज पर राजस्थान में भी सीमन स्टेशन खोला जाना चाहिए। डॉ. एस. पी. सिंह ने पीपीटी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है।

इस अवसर पर आरसीडीएफ की प्रबंध निदेशक श्रीमती सुषमा ने कहा कि इस वर्ष सरस डेयरी ने सर्वाधिक 43  लाख किलोग्राम दूध एक दिन में संकलित कर रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा आरसीडीएफ के 45 वर्षों के इतिहास में पहली बार हुआ है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

पशुपालन विभाग के निदेशक श्री भवानी सिंह राठौड़ ने कहा कि विभाग पशुपालकों को किसी भी प्रकार की असुविधा के निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। वही अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्री रामचंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के जरिए राज्य के दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक एवं सामाजिक सम्बल मिल रहा है व यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।  बैठक में निदेशक गोपालन विभाग श्री चांदमल वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरएलडीबी श्री एन एम सिंह, अतिरिक्त निदेशक गोपालन श्री लाल सिंह, संयुक्त निदेशक श्री तपेश माथुर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न जिलों से आये दुग्ध उत्पादक संघों के अध्यक्ष मौजूद रहे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

महत्वपूर्ण खबर: देश में जीआई टैग की संख्या 432 तक पहुंची