गेंदा फूल की खेती से महकी सलिता की जिंदगी, आय में हुआ बड़ा इजाफा; ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
06 जून 2026, भोपाल: गेंदा फूल की खेती से महकी सलिता की जिंदगी, आय में हुआ बड़ा इजाफा; ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा – मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सिंगरौली के तहत बैढ़न विकासखंड के ग्राम छतौली की रहने वाली श्रीमती सलिता प्रजापति आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बन चुकी हैं। कभी आर्थिक तंगी और पारंपरिक खेती की सीमित आय से जूझने वाली कक्षा 5वीं तक शिक्षित सलिता की पारिवारिक माली हालत ठीक नहीं थी। उनका परिवार गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर था, जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा बेहद कम था। इस तंगहाली से बाहर निकलने के लिए वर्ष 2018 में उन्होंने “आकाश स्व सहायता समूह” से जुड़ने का फैसला लिया, जहां बैठकों में शामिल होने पर उन्हें नई आजीविका गतिविधियों की जानकारी मिली।
फूलों की खेती ने खोले आय के नए रास्ते
मिशन के कृषि विशेषज्ञों की प्रेरणा और तकनीकी प्रशिक्षण से उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़ कम समय और कम पानी में तैयार होने वाली गेंदा फूल की खेती करने का साहसिक निर्णय लिया। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उन्होंने अपने खेत में उन्नत गेंदे के पौधे लगाए। बैढ़न और सिंगरौली के स्थानीय बाजारों, शादियों और त्योहारों में गेंदे के फूलों की भारी मांग होने के कारण उन्हें अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई और हर दूसरे-तीसरे दिन होने वाली फूलों की तुड़ाई से परिवार को रोजमर्रा के खर्चों के लिए नियमित नकद राशि मिलने लगी।
इस नवीन पहल से उनकी व्यक्तिगत मासिक आय बढ़कर ₹10,000 से ₹11,000 और पारिवारिक आय ₹12,000 से ₹14,000 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही उन्होंने उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, जीवन ज्योति बीमा और आयुष्मान कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं का भी पूरा लाभ उठाया है। आज सलिता प्रजापति सिर्फ एक गृहणी नहीं, बल्कि अपने गांव की एक सफल आजीविका सखी और प्रगतिशील महिला किसान के रूप में पहचानी जाती हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में कदम बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता के शिखर को छुआ जा सकता है।
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