Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

1 एकड़ में आम का बाग, साथ में सब्जियों की खेती; उमरिया के सूर्यपाल को मिल रही 20 हजार तक अतिरिक्त आय  

03 अक्टूबर 2026, उमरिया: 1 एकड़ में आम का बाग, साथ में सब्जियों की खेती; उमरिया के सूर्यपाल को मिल रही 20 हजार तक अतिरिक्त आय – मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के विकासखंड करकेली के ग्राम आमाडोंगरी निवासी किसान सूर्यपाल सिंह पिता जगन सिंह ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को विस्तार दिया है। उन्होंने करीब एक एकड़ क्षेत्र में आम का फलोद्यान विकसित किया है। इसके साथ ही वे खेत में अलग-अलग सब्जियों का उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगभग 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

सूर्यपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एकीकृत बागवानी विकास योजना से उद्यानिकी विभाग ने उन्हें आम के पौधे उपलब्ध कराए थे। इन पौधों को खेत में लगाकर उन्होंने करीब एक एकड़ में आम की बागवानी शुरू की। उनका कहना है कि पहले वे मुख्य रूप से पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, जिससे आमदनी सीमित रहती थी। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और योजनाओं की मदद से फलोद्यान विकसित करने के बाद खेती के प्रति उनका उत्साह बढ़ा है।

सब्जी उत्पादन से भी हो रही अतिरिक्त कमाई

आम की बागवानी के साथ सूर्यपाल सिंह अपने खेत में विभिन्न प्रकार की सब्जियां भी उगा रहे हैं। इससे उन्हें खेती से अतिरिक्त आमदनी मिल रही है। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन और बागवानी के कारण उनकी आय के स्रोत बढ़े हैं। किसान को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का भी लाभ मिला है। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने से खेत में पानी की उपलब्धता बढ़ी है। इससे फसलों की उत्पादकता में सुधार हुआ है और खेती पहले की तुलना में आसान हुई है। पर्याप्त सिंचाई मिलने से आम की बागवानी और सब्जियों का उत्पादन दोनों ही बेहतर तरीके से संचालित हो रहे हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

भविष्य में बागवानी का दायरा बढ़ाने की योजना

सूर्यपाल सिंह के अनुसार वर्तमान में खेती और सब्जी उत्पादन से उन्हें करीब 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो जाती है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब वे आने वाले समय में बागवानी का क्षेत्र और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से किसानों को खेती में नए तरीके अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। योजनाओं से मिली सहायता और विभागीय मार्गदर्शन के कारण उनकी खेती अधिक लाभकारी हुई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture