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राज्य कृषि समाचार (State News)

देवास की बबीता चौधरी बनीं आत्मनिर्भर, कृषि-पशुपालन से कमा रहीं 1.65 लाख रुपए

03 अक्टूबर 2026, देवास: देवास की बबीता चौधरी बनीं आत्मनिर्भर, कृषि-पशुपालन से कमा रहीं 1.65 लाख रुपए – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर देवास जिले के ग्राम इकलेरा की बबीता चौधरी ने कृषि और पशुपालन को अपनी आय का जरिया बनाया है। स्व-सहायता समूह के माध्यम से ऋण लेकर उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाया और अब सालाना करीब 1 लाख 65 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

SHG से जुड़ीं और मिला आत्मनिर्भर बनने का रास्ता

बबीता चौधरी ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार मुख्य रूप से पारंपरिक खेती पर निर्भर था। सीमित आय और पूंजी की कमी के कारण वे नया काम शुरू नहीं कर पा रही थीं। इसी दौरान गांव में NRLM के तहत सक्षम स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ और वे इससे जुड़ गईं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय अनुशासन की जानकारी मिली और आत्मनिर्भर बनने का हौसला भी मिला। इसके बाद उन्होंने समूह के माध्यम से 1 लाख रुपए का ऋण लिया।

कृषि और पशुपालन से बढ़ी आय

बबीता ने ऋण की राशि का उपयोग उन्नत कृषि उपकरणों, बीजों और पशुपालन में किया। कृषि और पशुपालन को साथ लेकर चलने से उनकी आजीविका के साधन मजबूत हुए। अब वे सालाना करीब 1.65 लाख रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। वे लोन की किस्तें समय पर चुका रही हैं और अपने बच्चों की शिक्षा भी बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। बबीता का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

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बबीता चौधरी को मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का भी लगातार लाभ मिल रहा है। योजना से मिलने वाली मासिक राशि से वे अपनी छोटी जरूरतें पूरी करने के साथ उसे अपने काम को आगे बढ़ाने में भी लगा रही हैं। 

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