मैंगो फेस्टिवल 2026: कल भोपाल में सजेगा आमों का बाजार, एमपी के किसानों को मिलेगी नई पहचान और बड़ा मंच
12 मई 2026, भोपाल: मैंगो फेस्टिवल 2026: कल भोपाल में सजेगा आमों का बाजार, एमपी के किसानों को मिलेगी नई पहचान और बड़ा मंच – मध्यप्रदेश की उद्यानिकी उपलब्धियों को नई ऊंचाई देने के लिए राजधानी भोपाल में कल “मैंगो फेस्टिवल 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
मध्यप्रदेश की उद्यानिकी में मजबूत पहचान
भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी अग्रणी है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश ने फल उत्पादन के क्षेत्र में देश में चौथा स्थान हासिल किया है। देश में जहां कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, वहीं मध्यप्रदेश का योगदान करीब 102 लाख मीट्रिक टन है।
यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और सरकार की योजनाओं का परिणाम है।
आम उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी
फलों में सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय फल आम का उत्पादन मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों में राज्य में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय दे रहा है। यही कारण है कि अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
कल भोपाल में सजेगा आमों का महा-बाजार
“मैंगो फेस्टिवल 2026” केवल एक प्रदर्शनी नहीं होगा, बल्कि यह किसानों और बाजार के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। यहां प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को प्रदर्शित किया जाएगा और उनके विपणन, पैकेजिंग तथा प्रसंस्करण की जानकारी भी दी जाएगी।
इस आयोजन से किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
3200 हेक्टेयर में आम उत्पादन विस्तार की योजना
प्रदेश के प्रमुख जिलों- अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे उद्यानिकी खेती को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
सुंदरजा आम को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
रीवा जिले का प्रसिद्ध सुंदरजा आम अब GI (Geographical Indication) टैग प्राप्त कर चुका है। अपनी मिठास, सुगंध और स्वाद के कारण यह आम राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान बना रहा है।
इससे स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर उद्यानिकी और नकदी फसलों की ओर प्रेरित करना है। इसके लिए गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधा और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘मैंगो फेस्टिवल’ बनेगा बदलाव का मंच
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेस्टिवल न केवल मध्यप्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
कल भोपाल में होने वाला यह आयोजन प्रदेश के आम उत्पादकों के लिए एक नए अवसर और पहचान की शुरुआत माना जा रहा है।
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